BYJU Financial Crisis Explainer: देशभर के बच्चों को ऑनलाइन कोचिंग का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली BYJU कंपनी इन दिनों आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। कंपनी दिवालिया होने की कगार पर है। कंपनी की हालत ऐसी हो गई है कि BYJU के मालिक रवींद्रन को कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए अपना घर गिरवी रखना पड़ा। रवींद्रन ने अपने साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के घर भी गिरवी रख दिए। बैंगलुरु में उनके 2 घर हैं और दोनों घर गिरवी रखने पर उन्हें 100 करोड़ रुपये मिले, जिससे उन्होंने अपने 15 हजार कर्मचारियों की सैलरी दी। BYJU को अपनी पेरेंट कंपनी Think & Learn Pvt के 15 हजार एम्प्लॉइज को सैलरी देनी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने BYJU को दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। BYJU पर 158 करोड़ की पेमेंट नहीं करने का आरोप है, जिसके लिए नोटिस भी भेजा गया।
5 अरब डॉलर नेटवर्थ थी, दिवालियेपन की कगार पर पहुंची
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कभी BYJU रवींद्रन की नेटवर्थ 5 अरब डॉलर (करीब 41,715 करोड़ रुपये) थी। अब 3 बिलियन डॉलर से भी कम हो गया है। BYJU का वैल्युएशन 16 महीने में 22 बिलियन डॉलर से 86 प्रतिशत घटा। 2022 में कंपनी की प्रॉपर्टी 30600 करोड़ थी, जो अब 833 करोड़ रह गई है। कंपनी पर 10 हजार करोड़ के लोन डिफॉल्ट का खतरा भी मंडरा रहा है। कंपनी ने 40 करोड़ डॉलर का लोन लिया हुआ है, जिसे वह चुका नहीं पा रही है। इसके लिए कंपनी अपने शेयर भी गिरवी रख चुकी है। कंपनी स्टाफ की छंटनी कर चुकी है। फंड चुकाने की कोशिश कर चुकी है। इस बीच लेन-देन के नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी को ED की कार्रवाई भी झेलनी पड़ी। मामला करीब 9 हजार करोड़ के हेर-फेर का है। कामकाज के तरीकों का विरोध हुआ। इन्वेस्टर्स ने शिकायत की। सालों से बही-खातों का ऑडिट नहीं हुआ। कंपनी ने 3 साल से फाइनेंशियल स्टेटमेंट तक नहीं बनवाई।
कंपनी इस टाइम इन सब मुसीबतों से जूझ रही
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, BYJU ने अमेरिका के डिजिटल रीडिंग प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण किया था, लेकिन अब उसे बेचना पड़ रहा है, जिसकी कीमत करीब 3337.15 करोड़ रुपये है। BYJU ने ग्रेट लर्निंग, स्कॉलर, हार्शलर्न, टॉपर, एपिक, टिंकर, जियोजेब्रा जैसे स्टार्टअप भी खरीदे, लेकिन कंपनी को घाटा झेलना पड़ा। ED ने 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फेमा उल्लंघन का आरोप लगाया। गुरुग्राम में बना दफ्तर का किराया नहीं देने पर खाली करा लिया गया। लैपटॉप तक जब्त हो गए हैं। कंपनी पर 10 हजार करोड़ का टर्म लोन है, जिसे जल्द से जल्द चुकाना है। वहीं कंपनी के कर्मचारियों के मन में सवाल हैं कि अगर कंपनी दिवालिया हो गई तो उनकी नौकरी का क्या होगा?
लेटेस्ट खबरों के लिए फॉलो करें News24 का WhatsApp Channel
कंपनी का प्रोफाइल…
- 2011 में रवींद्रन ने थिंक एंड लर्न कंपनी बनाई
- पहली से लेकर 12वीं तक के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोचिंग देने की शुरुआत
- 2015 में BYJU लर्निंग ऐप लॉन्च की
- मार्च 2018 में यूनिकॉर्न बनी
- 2019 में भारतीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक स्पॉन्सर बनी
- जून 2020 में सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली एडटेक स्टार्टअप बनी
संबंधित खबरें
FlyDubai विमान में पायलट के हाथ में कहां से आया चाकू? जानें 'इन फ्लाइट' हथियारों की पूरी सच्चाई
7 hrs agoITMS क्या है? मोदी सरकार का ये तोहफा दिल्लीवालों के लिए कैसे वरदान साबित होगा
1 day ago'अल नीनो' क्या है, जो बदल सकता है वर्ल्ड क्लाइमेट, भारत पर कैसा होगा असर?
1 day agoक्या है ERONET और ECINET सिस्टम, SIR प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर खुद वोटर लिस्ट से हटा सकता है आपका नाम?
1 day agoFIR और NCR में क्या फर्क है? जानिए कैसे होती है कार्रवाई, प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
2 days agoक्या दोनों चुनाव आयुक्तों को पद से हटा सकते हैं CEC ज्ञानेश कुमार? जानें क्या हैं नियम, प्रक्रिया और अधिकार
2 days agoFBI Most Wanted List Rules: कैसे तय होती है FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट? जानें चयन प्रक्रिया और कड़े नियम
2 days agoक्या है भारत में सोशल मीडिया यूज करने की मिनिमम एज लिमिट? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया बड़ा निर्देश
2 days agoसजा और जुर्माना, मंत्री-विधायक या सांसद अगर मारता है थप्पड़ तो क्या होगा एक्शन? दिल्ली में गरमाया प्रवेश वर्मा का मामला
3 days agoCEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तो कौन देखेगा चुनाव आयोग का काम, मुख्य चुनाव आयुक्त कैसे देते हैं त्यागपत्र?
3 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines