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‘मजबूरी में सब करना…’, Urfi Javed बचपन में कुछ इस तरह मनाती थी रमजान, दुआ पढ़ने पर कह दी ये बड़ी बात

Urfi Javed Ramadan Memories: Urfi Javed इस्लाम धर्म को लेकर अक्सर विवाद में आती रहती हैं. इस बार उन्होंने रमजान महीने से जुड़े अपने बचपन के कुछ पुराने किस्से शेयर किए, जिसमें उन्होंने खुद को नास्तिक बातया है. दुआ पढ़ने से लेकर इफ्तारी की खुशी के बारे में उन्होंने खुलकर बात की.

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Edited By : Archi Tiwari Updated: Mar 5, 2026 16:10
Urfi Javed childhood ramadan
Urfi Javed childhood ramadan (Credit- Pinterest)

Urfi Javed Atheist Ideology: Urfi Javed अक्सर इस्लाम धर्म से जुड़े कुछ विवादों का शिकार बनती रहती हैं. रमजान के इस पाक महीने में भी जब उनसे इफ्तारी और दुआएं पढ़ने के बारे में पूछा गया तो उनके जवाब ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया. उर्फी ने कई बार बताया है कि बचपन में घर की सख्त परवरिश और मजबूरी के कारण उन्हें रमजान के नियम मानने पड़ते थे, भले ही मन से पूरी तरह तैयार न हों. उन्होंने खुद को नास्तिक बताया है. आइए जानते हैं पूरी कहानी.

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बचपन में रोजा रखने की मजबूरी

उर्फी जावेद का बचपन लखनऊ जैसे शहर में बीता, जहाँ परिवार में इस्लामी नियम बहुत सख्ती से माने जाते थे. रमजान का महीना आते ही रोजा रखना, नमाज पढ़ना और दुआएँ करना जरूरी होता था. उर्फी ने Instant Bollywood इंटरव्यू देते हुए बताया कि “मजबूरी में सब करना पड़ता था”. वे बताती हैं कि बच्चे को एक तरीके से बड़ा किया जाता है, जहां उसे सही गलत का पता नहीं होता. उसे अपने धर्म और मां-बाप के कहे अनुसार चलना पड़ता है, जिसकी वजह से उन्हें भी सबकुछ मजबूरी में करना पड़ा. हालांकि, फिर भी रमजान का महीना उन्हें काफी पसंद था.

रमजान से जुड़ीं यादें

उर्फी ने बताया कि रमजान से जुड़ी यादों पर तो मुझे घर की याद आती है. जैसे मम्मी पहले से ही खाना बनाती थी. इफ्तारी बनाती थी. ढ़ेर सारे पकौड़े, ढ़ेर सारी चीजें, तो रमजान का सबको बहुत इंतजार रहता था. दावत और इफ्तारी में बड़ा मजा आता है.

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बचपन में सब कुछ किया

उर्फी नमाज और रोजा रखने के लिए कहती हैं कि बचपन में सबकुछ करना पड़ा. उस समय ऑप्शन नहीं होता था. उस टाइम उतना समझ नहीं आता. बच्चे को जो सिखा दिया, जो पढ़ा दिया, वह वही करने लगता है. हम पैदा ही ऐसे हुए हैं, कि आगे किया जा रहा है, तो आगे हमें करना ही है. मैं बचपन से ही नास्तिक थी, लेकिन उस वक्त अपनी चलती नहीं थी, जिसकी वजह से ये सब करना पड़ा. हालांकि, अब बड़े हुए, फ्रीडम मिली तो आगे चीजें शुरू हुईं.

उर्फी जावेद से जुड़ी अफवाहें

अभी कुछ दिनों पहले ही उर्फी जावेद से जुड़ी अफवाह तेजी से फैल गई थी, कि उर्फी अपना इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदु धर्म अपना लिया है. इस खबर को फैलने के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. लेकिन असलियत में ऐसा कुछ नहीं हुआ. उर्फी अभी भी मुसलमान हैं.

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First published on: Mar 05, 2026 04:09 PM

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