नैन्सी तोमर, नई दिल्ली
Prashanth Neel Salaar Khansar story: हालिया रिलीज फिल्म 'सालार' जो एक ऐसी दुनिया की कहानी दिखाती है, जिसको देखकर हर किसी के मन में कई सवाल आते हैं। दरअसल, ये एक ऐसी दुनिया की कहानी है, जहां हर एक सुख-सुविधा होने के बाद भी लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं।
कुछ लोगों के मन में तो ये भी सवाल है क्या सच में ऐसी भी कोई दुनिया है, जहां सब कुछ इतना सिस्टमैटिक होने के बाद भी क्रूरता की कोई हद नहीं। आइए जानते हैं कि क्या सच में 'सालार' के 'खानसार' की इस दुनिया के जैसी हकीकत में भी कोई दुनिया है?
यह भी पढ़ें- Prithviraj ने Salaar के लिए जो किया वो कोई और नहीं करेगा, Prashanth Neel ने ऐसा क्यों कहा?
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असल नहीं काल्पनिक है 'खानसार' की कहानी
दरअसल, ये कोई असली की दुनिया की कहानी नहीं है बल्कि एक काल्पनिक कहानी है, जो फिल्म 'सालार' को बनाने के लिए रची गई है। इस कहानी की जड़ें फिल्म के डायरेक्टर प्रशांत नील के दिमाग से जुड़ी हैं और उन्होंने ही इसे बनाया है। हकीकत में ऐसी कोई भी जगह नहीं हैं, जो इतनी खतरनाक और क्रूर है। जहां वोटिंग तो होती है, लेकिन लोकतंत्र ही नहीं है।
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असल में और भी सख्त होने चाहिए कायदे-कानून
हालांकि अब लोगों के मन में ये भी सवाल जरुर आएगा कि अगर सच में ऐसी कोई जगह होती तो क्या होता। अगर असल में ऐसी कोई जगह होती तो यहां पर जो नियम-कायदे-कानून है वो बहुत ही सख्त होने चाहिए। साथ ही जैसा फिल्म में दिखाया गया कि वोटिंग तो होती है, लेकिन लोकतंत्र, तो ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
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अगर ऐसी कोई दुनिया सच में होती तो क्या वहां लोग शांति से रह पाते?
सबसे बड़ी बात अगर दुनिया में कहीं भी ऐसी जगह होती तो क्या लोग वहां पर शांति से रह पाते? इन हालातों में हर कोई नहीं रह सकता, इसलिए इस तरह के कहानी सिर्फ फिल्मों या किताबों में ही अच्छी लगती है। कोई भी काल्पनिक कहानी हकीकत से बेहद अलग होती है। हालांकि उसका असल जिंदगी से कितना ताल्लुक है, ये तो उस कहानी पर ही निर्भर करता है।
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फिल्म को बनाने के लिए रची गई 'खानसार' की काल्पनिक कहानी
इतना ही नहीं बल्कि Bollywood Hungama की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के डायरेक्टर प्रशांत नील ने इसकी कहानी पर बात करते हुए कहा कि फिल्म के लिए वो 'खानसार' जैसी जगह बनाने चाहते थे। उन्होंने कहा कि वो दिखाना चाहते थे कि जो दुनिया की सबसे हिंसक जगह है, वहां इमोशन्स भी जरुरी है। इसलिए फिल्म की कहानी से साफ है कि ये काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई-लेना देना नहीं हैं।
नैन्सी तोमर, नई दिल्ली
Prashanth Neel Salaar Khansar story: हालिया रिलीज फिल्म ‘सालार’ जो एक ऐसी दुनिया की कहानी दिखाती है, जिसको देखकर हर किसी के मन में कई सवाल आते हैं। दरअसल, ये एक ऐसी दुनिया की कहानी है, जहां हर एक सुख-सुविधा होने के बाद भी लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं।
कुछ लोगों के मन में तो ये भी सवाल है क्या सच में ऐसी भी कोई दुनिया है, जहां सब कुछ इतना सिस्टमैटिक होने के बाद भी क्रूरता की कोई हद नहीं। आइए जानते हैं कि क्या सच में ‘सालार’ के ‘खानसार’ की इस दुनिया के जैसी हकीकत में भी कोई दुनिया है?
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असल नहीं काल्पनिक है ‘खानसार’ की कहानी
दरअसल, ये कोई असली की दुनिया की कहानी नहीं है बल्कि एक काल्पनिक कहानी है, जो फिल्म ‘सालार’ को बनाने के लिए रची गई है। इस कहानी की जड़ें फिल्म के डायरेक्टर प्रशांत नील के दिमाग से जुड़ी हैं और उन्होंने ही इसे बनाया है। हकीकत में ऐसी कोई भी जगह नहीं हैं, जो इतनी खतरनाक और क्रूर है। जहां वोटिंग तो होती है, लेकिन लोकतंत्र ही नहीं है।
असल में और भी सख्त होने चाहिए कायदे-कानून
हालांकि अब लोगों के मन में ये भी सवाल जरुर आएगा कि अगर सच में ऐसी कोई जगह होती तो क्या होता। अगर असल में ऐसी कोई जगह होती तो यहां पर जो नियम-कायदे-कानून है वो बहुत ही सख्त होने चाहिए। साथ ही जैसा फिल्म में दिखाया गया कि वोटिंग तो होती है, लेकिन लोकतंत्र, तो ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
अगर ऐसी कोई दुनिया सच में होती तो क्या वहां लोग शांति से रह पाते?
सबसे बड़ी बात अगर दुनिया में कहीं भी ऐसी जगह होती तो क्या लोग वहां पर शांति से रह पाते? इन हालातों में हर कोई नहीं रह सकता, इसलिए इस तरह के कहानी सिर्फ फिल्मों या किताबों में ही अच्छी लगती है। कोई भी काल्पनिक कहानी हकीकत से बेहद अलग होती है। हालांकि उसका असल जिंदगी से कितना ताल्लुक है, ये तो उस कहानी पर ही निर्भर करता है।
फिल्म को बनाने के लिए रची गई ‘खानसार’ की काल्पनिक कहानी
इतना ही नहीं बल्कि Bollywood Hungama की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के डायरेक्टर प्रशांत नील ने इसकी कहानी पर बात करते हुए कहा कि फिल्म के लिए वो ‘खानसार’ जैसी जगह बनाने चाहते थे। उन्होंने कहा कि वो दिखाना चाहते थे कि जो दुनिया की सबसे हिंसक जगह है, वहां इमोशन्स भी जरुरी है। इसलिए फिल्म की कहानी से साफ है कि ये काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई-लेना देना नहीं हैं।