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‘हनुमान अंश’ के ‘पार्वती’ गाने की क्या है स्टोरी? रिलीज होते ही सॉन्ग हुआ वायरल; हर कोई बना रहा रील

Hanuman Ansh Viral Song: 'हनुमान अंश' का 'पार्वती' गाना सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. रिलीज होते ही ये गाना हर किसी का फेवरेट बन गया. वहीं गाने में माता पार्वती और भगवान शिव की कहानी सुनने को मिलती है. चलिए आपको भी गाने की कहानी के बारे में बताते हैं.

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Hanuman Ansh Viral Song: ‘हनुमान अंश’ फिल्म सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है. 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 190 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. नीम करोली बाबा की लाइफ पर बनी इस फिल्म की कहानी के साथ-साथ फिल्म के गानों को भी खूब पसंद किया जा रहा है. इंस्टाग्राम रील्स पर फिल्म का ‘पार्वती’ गाना काफी वायरल हो रहा है. रिलीज होते ही ये साल 2026 का सबसे ज्यादा वायरल सॉन्ग बन गया. हर कोई इस गाने पर रील्स बना रहा है. लेकिन इस गाने की पीछे की कहानी बहुत कम लोग ही जानते हैं. इस बुंदेलखंडी गाने के पीछे की कहानी चलिए आज हम आपको बताते हैं.

‘हनुमान अंश’ का वायरल गाना

‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ गाना सोशल मीडिया पर चारों तरफ छाया हुआ है. इस बुंदेलखंडी गाने में माता पार्वती के भगवान शिव को पाने की जिद की कहानी सुनने को मिलती है. साधु तिवारी की आवाज में कहानी को गाने के रूप में सुनना और ज्यादा अच्छा लगता है. इस गाने के पीछे की कहानी रामचरितमानस के बालकांड से जुड़ी है. भगवान शिव की अर्धांगिनी माता सती ने जब देह त्याग कर दिया था तो उनका दूसरा जन्म पर्वतराज हिमालय और मैनावती के घर में पार्वती के रूप में हुआ था.

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क्या है गाने की कहानी?

माता पार्वती बचपन से ही भगवान शिव की भक्ति में लीन रहने लगी थीं. वहीं माता पार्वती ने मन में ठान लिया था कि वो भगवान शिव से ही शादी करेंगी. लेकिन भगवान शिव इतनी आसानी से कहां मिलने वाले थे, तो माता पार्वती को कठोर तपस्या से गुजरना पड़ा. उन्होंने ऐसे तप किए जिन्हें करना आम इंसान के बस में ही नहीं है. अन्न और पानी को भी पार्वती माता ने भगवान शिव को पाने के लिए त्याग दिया था. उनकी इस जिद को देखकर उनके पास सप्तऋषि पहुंचे थे. कहा जाता है कि सप्तऋषि को भगवान शिव ने ही पार्वती के पास भेजा था. दरअसल भगवान शिव माता पार्वती की परीक्षा ले रहे थे और वो देखना चाहते थे कि पार्वती की तपस्या कितनी अटल है.

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भगवान शिव के लिए माता पार्वती की तपस्या

सप्तऋषि ने माता पार्वती को भगवान शिव के बारे में बताया कि उनका रहन-सहन एकदम अलग है. उनके गले में सांप हैं और सिर पर गंगा का वास है. साथ ही उनके पास महल भी नहीं है वो सिर्फ पर्वतों पर वास करते हैं और अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं. सप्तऋषि के समझाने के बाद भी माता पार्वती का विश्वास नहीं डगमगाया और उनकी तपस्या जारी रही. पार्वती माता अपने मन में भगवान शिव को अपना पति मान चुकी थीं. इसके बाद सप्तऋषि भी समझ गए थे कि अब माता पार्वती का मन नहीं बदलेगा और वो भगवान शिव को अपना सब कुछ मान चुकी हैं. वहीं भगवान शिव को भी विश्वास हो गया कि माता पार्वती की तपस्या सच्ची है और आखिर में दोनों का विवाह भी हो गया और माता पार्वती की तपस्या भी पूरी हुई.

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फिल्म में क्यों फिल्माया गया गाना?

‘हनुमान अंश’ के ‘पार्वती’ गाने में भी इसी कहानी का जिक्र किया गया है. फिल्म में बाबा नीम करोली और उनकी पत्नी पर ये गाना फिल्माया गया है. दरअसल बाबा नीम करोली का जीवन भी भगवान शिव से मिलता-जुलता है, क्योंकि उन्हें भी कभी घर-परिवार का मोह नहीं था. वहीं जब उनकी पत्नी से उनका विवाह हुआ तो उनकी पत्नी ने भी खुद को समझा लिया था कि नीम करोली बाबा का जन्म दूसरे लोगों का भला करने के लिए ही हुआ है. इसलिए फिल्म में ये गाना उनकी लाइफ पर भी सटीक बैठता है.

First published on: Sep 11, 2026 10:46 AM

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