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45 साल पहले आई वो फिल्म, जिसने जीते 3 नेशनल अवॉर्ड, लीड एक्ट्रेस पर उठे सवाल, तो दिन-रात एक कर हीरोइन ने रचा था इतिहास

Bollywood Film: आज हम आपको उस फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जो आज से 45 साल पहले रिलीज हुई थी. फिल्म के डायरेक्टर को खुद पर भरोसा था और इसलिए उन्होंने फिल्म की लीड एक्ट्रेस को नहीं बदला था.

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Bollywood Film: हिंदी सिनेमा की फिल्में और उनसे जुड़े किस्से बेहद कमाल के होते हैं. कभी-कभी फिल्म की कास्ट को लेकर सवाल उठते हैं. किस्से और कहानियों की इस सीरीज में आज हम आपको उस फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जो आज से 45 साल पहले रिलीज हुई थी. इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस को लेकर भी सवाल उठे थे, लेकिन फिल्म के डायरेक्टर को अपनी पसंद पर पूरा भरोसा था और हीरोइन ने भी दिन-रात एक करके इतिहास रच दिया था. आइए जानते हैं कि ये कौन-सी फिल्म है?

फिल्म ‘उमराव जान’

दरअसल, हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि साल 1981 में रिलीज हुई बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘उमराव जान’ है. जी हां, फिल्म ‘उमराव जान’ की वो फिल्म है, जिसके लिए रेखा ने दिन-रात एक कर दिया था. फिल्म ‘उमराव जान’ रिलीज हुई, तो दर्शकों को बेहद पसंद आई. इस फिल्म ने एक-दो नहीं बल्कि तीन नेशनल अवॉर्ड भी जीते थे.

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रेखा की कास्टिंग पर सवाल

फिल्म के डायरेक्टर मुजफ्फर अली थे. मुजफ्फर अली ने इस फिल्म के लिए रेखा को कास्ट करने का सोचा, तो उन्हें बहुत आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. रेखा कमर्शियल हिंदी फिल्मों की एक्ट्रेस थीं और साउथ से आई थीं. साथ ही उनकी हिंदी भी कुछ खास नहीं थीं. इस फिल्म में रेखा को उर्दू भी बोलनी थी. ऐसी उर्दू जो कोई अदब की जानकारी रखने वाला ही बोल सकता है.

मुजफ्फर अली को था भरोसा

ऐसे में रेखा की कास्टिंग को लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए, लेकिन डायरेक्टर मुजफ्फर अली को अपनी पसंद पर पूरा विश्वास था. फिल्म के लिए मुजफ्फर अली ने रेखा को साइन कर लिया और रेखा ने भी फिल्म के लिए जी-जान लगातर मेहनत की. इस फिल्म के लिए रेखा ने उर्दू सीखनी शुरू कर दी और अपने रोल के लिए दिन-रात एक कर दिया.

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सुपरहिट फिल्म मानी जाती है

रेखा अभिनीत फिल्म ‘उमराव जान’ बॉक्स ऑफिस पर एक ‘औसत’ (Average) फिल्म रही थी. हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे इसके सांस्कृतिक प्रभाव के कारण सुपरहिट या ब्लॉकबस्टर भी कह दिया जाता है, लेकिन व्यावसायिक रूप से टिकट खिड़की पर इसका प्रदर्शन सामान्य था.

फिल्म के गाने हुए थे सुपरहिट

इसके बावजूद भी ये फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ‘क्लासिक’ (Classic) फिल्म मानी जाती है क्योंकि इस फिल्म के गाने ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए’, ‘इन आंखों की मस्ती के’, ‘ये क्या जगह है दोस्तों’ और ‘जुस्टजू जिसकी थी’ जैसे सदाबहार गाने आज ही लोगों के दिलों पर राज करते हैं. बता दें कि ये फिल्म मिर्जा हादी रुसवा के मशहूर उर्दू उपन्यास ‘उमराव जान अदा’ (1905) पर आधारित थी.

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यह भी पढ़ें- आखिर क्यों Kamal Haasan पहली ही हिंदी फिल्म में अपनी लीड एक्ट्रेस से हो गए थे नाराज?

First published on: Sep 10, 2026 11:09 PM

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