Dev Anand: जेनरेशन की जेनरेशंस देव साहब की दीवानी रही हैं. आज भी देव आनंद के फैंस आपको इस देश में मिल जाएंगे. देव साहब, उनकी फिल्में और उनका अंदाज लोगों के दिलों पर राज करता है. किस्से और कहानियों की इस सीरीज में आज हम आपको देव साहब की उस टोपी के बारे में बताएंगे, जो कभी देव साहब ने फैंस के बीच फेंक दी थी, लेकिन फिर सालों बाद अचानक से उस टोपी का जिक्र हो गया. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे?
देव आनंद की टोपी
दरअसल, साल 1951 में फिल्म ‘बाजी’ रिलीज हुई थी और देव साहब सुपरस्टार बन चुके थे. एक फंक्शन के दौरान देव साहब फैंस से घिरे हुए थे और उन्होंने अपने सिर पर पहनी हुई टोपी फैंस के बीच फेंक दी. देव आनंद की ये टोपी एक फैन के हाथ लग गई और उस फैन ने अपने आपको लकी समझते हुए देव साहब की टोपी को संभालकर रख लिया कि ये उनकी निशानी है.
तेजी में थे देव साहब
फिर आधी सदी के बाद इस टोपी का जिक्र हुआ. पीढ़ी दर पीढ़ी एक परिवार ने इस टोपी को संभालकर रखा. देव साहब के निधन से कुछ साल पहले की बात है, जब देव साहब दांतों के रेगुलर चेकअप के लिए डॉक्टर के पास गए. इस दौरान वो जल्दी में थे और लिफ्ट से निकलते हुए तेजी से अंदर की ओर जाने लगे.
शीशे के सेल्फ से टकराए देव आनंद
देव साहब तेजी में थे और उनकी नजर एक शीशे के सेल्फ पर पड़ने के बजाय, उनका सिर उससे जोर से टकरा गया. टक्कर जोरों की थी और शीशे का सेल्फ टूट गया. कांच के टूकड़े इधर-उधर फेल गए और सभी पलटकर देव साहब को देखने लगे कि उन्हें कोई चोट तो नहीं आई. एक आदमी भागता हुआ उनके पास आया और उनके कोट और कंधे से शीशे के टूकड़े साफ करने लगा.
फैन ने बताया किस्सा
इस दौरान शख्स ने कहा कि आप इतनी तेजी से कहां जा रहे थे, आपको लगी तो नहीं. तब हंसते हुए देव साहब ने कहा कि यही वजह है कि मैं ये टोपी पहनकर रखता हूं और ये कहकर वो आगे बढ़ गए, लेकिन तभी एक लड़की की आवाज आई कि आप इस तरह से अपना सिर की इफाजत तो कई सालों से करते आ रहे हैं.
मेरी दादी के हाथ लग गई टोपी- फैन
जब देव साहब ने इस आवाज को सुना, तो वो पटलकर देखते हैं कि एक लड़की है और ऑटोग्राफ बुक निकालकर उनकी तरफ आ रही है. देव साहब ने ऑटोग्राफ दिया. फिर लड़की ने कहा कि आपको शायद याद नहीं होगा, अपनी फिल्म ‘बाजी’ के प्रीमियर पर आपने अपनी टोपी निकालकर हवा में फेंक दी थी और वो टोपी भीड़ में खड़ी मेरी दादी के हाथ लग गई.
क्या बोलीं फैन?
उस लड़की ने कहा कि आज तक मेरी दादी मां ने उस टोपी को घर में सजाकर रखा है और मेरी दादी मां उसको बहुत बड़ी धरोहर मानती हैं कि ये देव आनंद की टोपी है और आज मैं आपका ये ऑटोग्राफ लेकर उनको दिखाऊंगी और बताऊंगी कि दादी मेरे पास भी एक धरोहर है. आपके पास देव आनंद की टोपी है और मेरा पास उनका ऑटोग्राफ है.
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