एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नीट यूजी री-एग्जाम 2026 का रिजल्ट 20 जुलाई तक घोषित होने की पूरी उम्मीद है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज किसी भी छात्र को सीधा दाखिला नहीं दे सकता है.
मेडिकल कॉलेजों में 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा के तहत और 85% सरकारी सीटें स्टेट कोटा के जरिए काउंसलिंग से भरी जाएंगी.
काउंसलिंग के लिए 12वीं (PCB) में जनरल के लिए कम से कम 50% और ओबीसी/एससी/एसटी के लिए 40% नंबर होना अनिवार्य है.
उम्मीदवार की उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए और कॉलेज अलॉट होने के समय मेडिकल फिटनेस के नियमों को पूरा करना होगा.
Re-NEET UG Result Date Update: नीट यूजी छात्रों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक एनटीए 20 जुलाई 2026 तक नतीजे की घोषणा कर सकती है. जल्द ही छात्र अपने स्कोरकार्ड को ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकेंगे. रिजल्ट आते ही देश के बड़े मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) की सीटों के लिए मुकाबला शुरू हो जाएगा. लेकिन छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि सिर्फ नीट परीक्षा क्वालिफाई कर लेने से ही मेडिकल कॉलेज में सीट पक्की नहीं हो जाती है.
नीट पास करने के बाद छात्रों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और काउंसलिंग अथॉरिटीज के कड़े नियमों से गुजरना पड़ता है. मेडिकल सीटों को दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला है 15% सीटों वाला ऑल इंडिया कोटा (AIQ), जिसे मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) संभालती है. इसमें सभी एम्स (AIIMS) और जिपमेर (JIPMER) शामिल हैं. दूसरा है 85% सीटों वाला स्टेट कोटा, जिसे राज्यों की काउंसलिंग अथॉरिटी देखती है. सुप्रीम कोर्ट और एनएमसी (NMC) के सख्त आदेशों के अनुसार, देश का कोई भी सरकारी या प्राइवेट कॉलेज किसी छात्र को डायरेक्ट एडमिशन नहीं दे सकता है.
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काउंसलिंग के लिए 3 सबसे जरूरी नियम
काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने और सीट पक्की करने के लिए छात्रों को मुख्य रूप से तीन शर्तों को पूरा करना होगा. पहली शर्त 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में जनरल कैटेगरी के लिए कम से कम 50% और रिजर्व्ड कैटेगरी के लिए 40% अंक होना जरूरी है. दूसरी शर्त उम्र की है, जिसके तहत छात्र की न्यूनतम उम्र 17 साल होनी चाहिए यानी उनका जन्म 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले का हो. तीसरी शर्त मेडिकल फिटनेस की है. अगर काउंसलिंग के समय किसी भी छात्र के डॉक्यूमेंट्स फर्जी मिलते हैं, तो उनका एडमिशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा.
निष्कर्ष:
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नीट यूजी 2026 के रिजल्ट आने के बाद एमबीबीएस सीट हासिल करने की असली परीक्षा काउंसलिंग में शुरू होगी. छात्रों को मेरिट और नियमों के आधार पर ही पारदर्शी तरीके से कॉलेज अलॉट किए जाएंगे, इसलिए नतीजों से पहले ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना समझदारी होगी.