आरबीआई ने दिया है सरकार को पैसा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार को 2.1 लाख करोड़ रुपया डिविडेंड के तौर पर देने का ऐलान किया है। आरबीआई से पैसा मिलने के बाद सरकार के पास खर्च करने के लिए अतिरिक्त पैसा है। इससे मिडिल क्लास को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में इजाफा
केंद्र सरकार का वित्तीय वर्ष 2024 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बढ़कर 19.58 लाख करोड़ हो गया है। इसमें 17.7 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। यह कलेक्शन सरकार के शुरुआती टारगेट से बहुत ज्यादा है। चूंकि सरकार के पास अच्छा पैसा है इसलिए भी उम्मीद है कि मिडिल क्लास को राहत मिल सकती है।
जीएसटी कलेक्शन में इजाफा
केंद्र सरकार का जीएसटी कलेक्शन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। जून 2020 में कुल कलेक्शन 1.74 लाख करोड़ था। एक साल पहले इसी अवधि के दौरान हुए टैक्स कलेक्शन के मुकाबले यह 8 फीसदी ज्यादा था। वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में औसत जीएसटी कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपये था। जीएसटी की शुरुआत के बाद से यह सबसे ज्यादा है।
फिस्कल डेफिसिट में कमी
वित्तीय वर्ष 2024 में सरकार का फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 5.6 फीसदी रहा है। यह 5.8 फीसदी के संशोधित अनुमान से कम है। फिस्कल डेफिसिट कम होने और टैक्स कलेक्शन बढ़ने से सरकार की वित्तीय सेहत ठीक है। सरकार अपने खर्च को भी कंट्रोल में रखने की कोशिश कर रही है। वित्तीय सेहत ठीक होने की वजह से भी मिडिल क्लास को बहुत उम्मीद है।
मजबूत स्थिति में भारतीय अर्थव्यवस्था
भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत इस समय ठीक है। वित्तीय वर्ष 2024 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 8 फीसदी से ज्यादा रही है। इस वित्तीय वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार 7 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान है। इसके पीछे विनिर्माण, इलेक्ट्रिसिटी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन का अनुमान है। सरकार भी अपना खर्च बढ़ा रही है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार मिडिल क्लास के हितों का भी ध्यान रखेगी।