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बिजनेस

Stock Market Crash: शेयर बाजार में ब्‍लड बाथ! सेंसेक्स 2100 अंक टूटा, निफ्टी 23,150 के नीचे; निवेशकों के Rs 9 लाख करोड़ डूबे

सेंसेक्स 2,100 अंक टूटा तो निफ्टी ने भी गोता लगाया। HDFC बैंक के संकट से लेकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों तक, आखिर क्यों डूब गए निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये ? जानिए बाजार में आई इस तबाही के पीछे के वो 7 कारण जिन्होंने दलाल स्ट्रीट को हिला कर रख दिया।

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Written By: Vandana Bharti Updated: Mar 19, 2026 15:12
शेयर बाजार में आज भयंकर ग‍िरावट देखने को म‍िल रही है

मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी तेजी पर आज ब्रेक ही नहीं लगा, बल्कि बाजार बुरी तरह धराशायी हो गया। गुरुवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 2,086 अंक (2.72%) गिरकर 74,617 पर आ गया, वहीं निफ्टी 650 अंक (2.73%) की भारी गिरावट के साथ 23,128 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। इस गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 9 लाख करोड़ रुपये घट गया है।

बाजार में हाहाकार के 7 बड़े कारण:

  1. कच्चे तेल की कीमतों में आग: वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.77% उछलकर 111.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए 110 डॉलर के ऊपर का भाव अर्थव्यवस्था (मैक्रो) के लिए बेहद बुरा संकेत है।
  2. HDFC Bank में भारी बिकवाली: बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद HDFC बैंक के शेयरों में 9% तक की गिरावट देखी गई। यह दो साल में इसकी सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है। चूंकि निफ्टी में इस बैंक का वेटेज बहुत ज्यादा है, इसने पूरे इंडेक्स को नीचे खींच लिया।
  3. अमेरिकी फेड का कड़क रुख: यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें तो स्थिर रखीं, लेकिन संकेत दिया कि महंगाई और तेल की कीमतों के चलते रेट कट (ब्याज दरों में कटौती) की गुंजाइश कम है। इससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया।
  4. विदेशी निवेशकों (FIIs) की भागमभाग: विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को ही उन्होंने ₹2,714 करोड़ की इक्विटी बेची थी, जो आज भी जारी रही।
  5. कमजोर ग्लोबल संकेत: न सिर्फ भारत, बल्कि एशिया के अन्य बाजार (जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई) भी लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को 2026 के अपने निचले स्तर पर बंद हुए थे।
  6. इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल: बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स India VIX 16% बढ़कर 21.72 पर पहुंच गया। विक्स का बढ़ना बाजार में भारी अस्थिरता और डर का संकेत देता है।
  7. चौतरफा बिकवाली: निफ्टी के सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में दिखे। बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में 3-3% की गिरावट रही। केवल रिलायंस, ओएनजीसी और कोल इंडिया जैसे कुछ शेयर ही हरे निशान में टिक पाए।

आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,111 का स्तर बेहद अहम है। अगर यह इसके नीचे फिसलता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है। बाजार में मजबूती लौटने के लिए निफ्टी का 23,450 के ऊपर टिकना जरूरी है।

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First published on: Mar 19, 2026 03:10 PM

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