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Stock Market Update: अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी भारतीय शेयर मार्केट को पसंद नहीं आई है। ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते मार्केट लगातार दबाव में बना हुआ है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी थमने का नाम नहीं ले रही है। जबकि पहले माना जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद FIIs के भारतीय बाजार से पैसा निकालकर चीनी मार्केट में लगाने पर रोक लग सकती है।
इस साल अब तक यानी 1 जनवरी से 15 जनवरी (YTD) तक BSE सेंसेक्स 2,568.20 अंक (-3.27%) और NSE निफ्टी 813.65 अंक (-3.43%) लुढ़क चुका है। मार्केट की इस गिरावट में कई दिग्गज और हाई रिटर्न कंपनियों के शेयर भी पस्त हो गए हैं। हालांकि, कुछ शेयर ऐसे भी रहे, जिन पर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का खास असर नहीं पड़ा। उल्टा इस अवधि में उन्होंने 10% से 28% का रिटर्न दिया।
एसआरएफ, नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल, यूपीएल, एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, जेनसार टेक, रेडिंगटन, बजाज फिनसर्व, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट और टाटा कंज्यूमर ऐसे शेयर हैं, जो मार्केट में आई गिरावट की आंधी के बीच भी खुद को संभाले रहे। YTD की अवधि में इन्होंने सोने से भी अच्छा रिटर्न दिया है। इस साल अब तक गोल्ड का रिटर्न 10%-11% रहा है। जबकि ट्रंप की टैरिफ नीतियों से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
साल की शुरुआत से लेकर अब तक कुछ शेयर मार्केट की आंधी में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। इसमें Whirlpool Of India (-44.76%), Netweb Technologies (-51.38%), Kaynes Technology (-47.62%), Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications (-27.11%), Trent (-27.77%), Railtel Corporation (-24.64%), Suzlon Energy (-21.87%) और HDFC Bank (-4.96%) शामिल हैं।
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वहीं, मार्केट की गिरावट में कुछ ऐसे शेयर भी रहे, जिनका रिटर्न 10% से कम रहा, लेकिन वह निवेशकों को कुछ न कुछ वापस देने में सफल रहे। उदाहरण के तौर पर, कोटक बैंक (9.02%), भारती एयरटेल (7.48%), वोडा-आइडिया (2.12%), Avenue Supermarts (3.06%), विप्रो (2.61%) और नेस्ले इंडिया (1.14%) में इस साल अब तक उछाल भले ही कम आया, लेकिन वह पूरी तरह से लाल नहीं हुए।
विदेशी निवेशकों के लगातार बिकवाल बने रहने के चलते मार्केट भारी दबाव का सामना कर रहा है। घरेलू निवेशकों की तरफ से भले ही बाजार में पैसा लगाया जा रहा हो, लेकिन FIIs का वापस मार्केट में निवेश करना बेहद जरूरी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कल यानी शुक्रवार को भी कैश सेगमेंट में भारी बिकवाली की है। उनकी शुद्ध बिकवाली 4,294.69 करोड़ रुपये की रही। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की शुद्ध खरीदारी नहीं बढ़ेगी, बाजार में दबाव बना रहेगा।
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