वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। बुधवार को बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया। सुबह करीब 9:35 बजे बीएसई (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 591.29 अंक (0.76%) टूटकर 77,589.43 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 180 अंक (0.74%) की गिरावट के साथ 24,218.70 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
बाजार में इस बड़ी गिरावट के 3 मुख्य कारण:
पहला कारण: अमेरिका-ईरान में छिड़ी जंग, बहरीन-कुवैत पर भी हमले
बाजार में मचे इस हड़कंप की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुआ सैन्य टकराव है। अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर जवाबी हमले किए, क्योंकि तेहरान ने इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन तेल टैंकर जहाजों पर मिसाइलें दागी थीं। समाचार एजेंसी एपी (AP) के मुताबिक, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर भी हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध का संकट गहरा गया है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग: होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच $76 के पार निकला ब्रेंट क्रूड!
दूसरा कारण: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ($76 के पार)
अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.6% की तेजी के साथ 76.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र में भी इसमें 3% की बढ़त देखी गई थी। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड महंगा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है।
Gas Cylinder New Rule: 5 किलो वाला गैस सिलेंडर रखने वाले सावधान! अब रीफिल कराने पर जेब से कटेंगे इतने रुपये एक्स्ट्रा
तीसरा कारण : इंडिया विक्स (India VIX) में 7% का तगड़ा उछाल
बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के बीच डर को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India Vix) आज 7 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 12.47 के स्तर पर पहुंच गया। 'फियर गेज' (Fear Gauge) का इतनी तेजी से बढ़ना यह दर्शाता है कि बाजार में आने वाले कुछ दिनों तक भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है।
वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। बुधवार को बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया। सुबह करीब 9:35 बजे बीएसई (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 591.29 अंक (0.76%) टूटकर 77,589.43 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 180 अंक (0.74%) की गिरावट के साथ 24,218.70 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
बाजार में इस बड़ी गिरावट के 3 मुख्य कारण:
पहला कारण: अमेरिका-ईरान में छिड़ी जंग, बहरीन-कुवैत पर भी हमले
बाजार में मचे इस हड़कंप की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुआ सैन्य टकराव है। अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर जवाबी हमले किए, क्योंकि तेहरान ने इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन तेल टैंकर जहाजों पर मिसाइलें दागी थीं। समाचार एजेंसी एपी (AP) के मुताबिक, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर भी हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध का संकट गहरा गया है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग: होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच $76 के पार निकला ब्रेंट क्रूड!
दूसरा कारण: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ($76 के पार)
अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.6% की तेजी के साथ 76.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र में भी इसमें 3% की बढ़त देखी गई थी। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड महंगा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है।
Gas Cylinder New Rule: 5 किलो वाला गैस सिलेंडर रखने वाले सावधान! अब रीफिल कराने पर जेब से कटेंगे इतने रुपये एक्स्ट्रा
तीसरा कारण : इंडिया विक्स (India VIX) में 7% का तगड़ा उछाल
बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के बीच डर को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (India Vix) आज 7 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 12.47 के स्तर पर पहुंच गया। ‘फियर गेज’ (Fear Gauge) का इतनी तेजी से बढ़ना यह दर्शाता है कि बाजार में आने वाले कुछ दिनों तक भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है।