हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में हर तरफ हरियाली छा गई। पिछले शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद आज निवेशकों ने राहत की सांस ली है। सुबह से ही बाजार में शानदार तेजी का रुख बना रहा, जिसने क्लोजिंग तक निवेशकों का उत्साह बनाए रखा। दिग्गज आईटी (IT) शेयरों में आई बंपर रिकवरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने बाजार को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
कैसा रहा आज बाजार का हाल?
सोमवार को बाजार बंद होने पर दोनों प्रमुख इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स आज करीब 290 अंक (0.37%) की मजबूती के साथ 77,089.22 के स्तर पर खुला था और पूरे दिन बढ़त बनाए रखते हुए हरे निशान में बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 0.31% की बढ़त लेकर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकलते हुए 24,088.65 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
Rental House Rules: मकान मालिक मांग रहा है सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट? जानें क्या कहता है कानून और कौन से डॉक्यूमेंट्स देना है जरूरी
क्रैश के बाद सीधे रॉकेट बने आईटी शेयर
पिछले शुक्रवार को वैश्विक आईटी कंपनी एक्सेंचर की खराब कमेंट्री के बाद भारतीय आईटी शेयरों में हाहाकार मच गया था, लेकिन आज उन्हीं शेयरों ने बाजार को सबसे बड़ा सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स आज 1% से ज्यादा की तूफानी तेजी के साथ सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे आगे रहा।
वहीं 'निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम' इंडेक्स में भी आज 0.8% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। तेल और गैस (Oil & Gas) इंडेक्स में 0.8% की बढ़त देखी गई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया और मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई। ऑटो, फार्मा, रियल्टी और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
क्यों आई बाजार में यह अचानक तेजी? जानिए 3 मुख्य वजह
- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पलटा सेंटिमेंट:
आज बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का कम होना है। स्विट्जरलैंड में चल रही हाई-स्टेक शांति वार्ता के बीच कतर और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत काफी सकारात्मक रही है और अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते के रोडमैप पर सहमति बन गई है।
- ट्रंप की चेतावनी के बाद जेडी वेंस ने संभाला मोर्चा:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया सख्त चेतावनियों के बाद बाजार में जो घबराहट पैदा हो गई थी, वह अब शांत हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और ईरानी अधिकारियों के बीच अंतरिम शांति समझौते के तहत हुई पहली सीधी बातचीत बेहद सफल रही है, जिससे युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है।
- कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट:
बातचीत सफल होने की उम्मीद से कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का डर कम हुआ है, जिससे ग्लोबल मार्केट को बड़ी राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा टूटकर 78.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3% गिरकर 74.98 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
डॉलर के मुकाबले 15 पैसे फिसला रुपया
शेयर बाजार में जहां तेजी रही, वहीं विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में आज कमजोरी देखने को मिली। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया पिछले बंद भाव (94.33) के मुकाबले 9 पैसे की कमजोरी के साथ 94.42 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती उठापटक और उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे टूटकर 94.48 के स्तर पर पहुंच गया, हालांकि कारोबार के दौरान इसने 94.24 का स्तर भी छुआ था।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में हर तरफ हरियाली छा गई। पिछले शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद आज निवेशकों ने राहत की सांस ली है। सुबह से ही बाजार में शानदार तेजी का रुख बना रहा, जिसने क्लोजिंग तक निवेशकों का उत्साह बनाए रखा। दिग्गज आईटी (IT) शेयरों में आई बंपर रिकवरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने बाजार को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
कैसा रहा आज बाजार का हाल?
सोमवार को बाजार बंद होने पर दोनों प्रमुख इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स आज करीब 290 अंक (0.37%) की मजबूती के साथ 77,089.22 के स्तर पर खुला था और पूरे दिन बढ़त बनाए रखते हुए हरे निशान में बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 0.31% की बढ़त लेकर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकलते हुए 24,088.65 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
Rental House Rules: मकान मालिक मांग रहा है सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट? जानें क्या कहता है कानून और कौन से डॉक्यूमेंट्स देना है जरूरी
क्रैश के बाद सीधे रॉकेट बने आईटी शेयर
पिछले शुक्रवार को वैश्विक आईटी कंपनी एक्सेंचर की खराब कमेंट्री के बाद भारतीय आईटी शेयरों में हाहाकार मच गया था, लेकिन आज उन्हीं शेयरों ने बाजार को सबसे बड़ा सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स आज 1% से ज्यादा की तूफानी तेजी के साथ सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे आगे रहा।
वहीं ‘निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम’ इंडेक्स में भी आज 0.8% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। तेल और गैस (Oil & Gas) इंडेक्स में 0.8% की बढ़त देखी गई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया और मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई। ऑटो, फार्मा, रियल्टी और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
क्यों आई बाजार में यह अचानक तेजी? जानिए 3 मुख्य वजह
- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पलटा सेंटिमेंट:
आज बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का कम होना है। स्विट्जरलैंड में चल रही हाई-स्टेक शांति वार्ता के बीच कतर और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत काफी सकारात्मक रही है और अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते के रोडमैप पर सहमति बन गई है।
- ट्रंप की चेतावनी के बाद जेडी वेंस ने संभाला मोर्चा:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया सख्त चेतावनियों के बाद बाजार में जो घबराहट पैदा हो गई थी, वह अब शांत हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और ईरानी अधिकारियों के बीच अंतरिम शांति समझौते के तहत हुई पहली सीधी बातचीत बेहद सफल रही है, जिससे युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है।
- कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट:
बातचीत सफल होने की उम्मीद से कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का डर कम हुआ है, जिससे ग्लोबल मार्केट को बड़ी राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा टूटकर 78.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3% गिरकर 74.98 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
डॉलर के मुकाबले 15 पैसे फिसला रुपया
शेयर बाजार में जहां तेजी रही, वहीं विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में आज कमजोरी देखने को मिली। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया पिछले बंद भाव (94.33) के मुकाबले 9 पैसे की कमजोरी के साथ 94.42 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती उठापटक और उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे टूटकर 94.48 के स्तर पर पहुंच गया, हालांकि कारोबार के दौरान इसने 94.24 का स्तर भी छुआ था।