माता या पिता को खोना किसी के लिए भी एक बहुत बड़ा भावनात्मक आघात होता है. इस दुख के समय में जब परिवार पैसों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने निकलता है, तो तनाव और बढ़ जाता है. अक्सर परिवारों के सामने एक बड़ी समस्या तब आती है, जब उन्हें पता चलता है कि पिताजी के बैंक खाते, एफडी (FD) या सेविंग्स अकाउंट में कोई नॉमिनी (Nominee) पंजीकृत नहीं था.
अगर आपके परिवार में भी ऐसी स्थिति बनी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. भारतीय बैंकों में बिना नॉमिनी वाले खातों से लीगल हेयर्स (कानूनी वारिसों) को पैसे ट्रांसफर करने की एक बहुत ही स्पष्ट और सुरक्षित प्रक्रिया होती है. आइए, समझते हैं कि आपको कौन-कौन से कागजात चाहिए और पैसे क्लेम करने का सही तरीका क्या है.
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सबसे पहले जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करें
बैंक जाने से पहले सभी जरूरी कागजात एक जगह तैयार कर लें. आपको मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की जरूरत होगी:
मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): नगर निगम या स्थानीय निकाय से जारी पिता का मूल डेथ सर्टिफिकेट.
बैंक विवरण: पासबुक, चेकबुक, एफडी की रसीदें या अकाउंट नंबर.
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रिश्ते का सबूत (Relationship Proof): लीगल हेयर सर्टिफिकेट (Legal Heir Certificate), फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट या कोर्ट द्वारा जारी सक्सेशन सर्टिफिकेट (Succession Certificate).
केवाईसी दस्तावेज: सभी कानूनी वारिसों के पहचान पत्र (PAN कार्ड, वोटिंग आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) और एड्रेस प्रूफ.
बैंक को सूचना दें और क्लेम फॉर्म भरें
कागजात तैयार होने के बाद, उस बैंक ब्रांच में जाएं जहां आपके पिता का खाता था. वहां शाखा प्रबंधक (Branch Manager) को पिता के निधन की औपचारिक जानकारी दें. बैंक आपको Claim Form for Legal Heirs (बिना नॉमिनी वाले मामलों के लिए फॉर्म) देगा. इस फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और सभी सपोर्टिंग डाक्यूमेंट्स साथ में अटैच करें.
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इंडिमनिटी बॉन्ड (Indemnity Bond) और शपथ पत्र (Affidavit): भविष्य में वारिसों के बीच किसी विवाद से बचने के लिए बैंक अक्सर एक इंडिमनिटी बॉन्ड और एफिडेविट की मांग करते हैं, जिस पर नोटरी के साइन होते हैं.
सक्सेशन सर्टिफिकेट (Succession Certificate) की कब पड़ती है जरूरत?
अगर खाते में जमा रकम ज्यादा है और कोई नॉमिनी नहीं है, तो बैंक आपसे सिविल कोर्ट द्वारा जारी सक्सेशन सर्टिफिकेट (उत्तराधिकार प्रमाण पत्र) मांग सकता है. यह कोर्ट द्वारा जारी एक कानूनी दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि मृतक की चल संपत्ति (बैंक अकाउंट, म्यूचुअल फंड, शेयर्स) पर आपका कानूनी हक है. हालांकि इसे कोर्ट से बनवाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन यह सबसे पुख्ता कानूनी सबूत माना जाता है.
एक से ज्यादा कानूनी वारिस हों तो क्या करें?
अगर आपके परिवार में एक से अधिक कानूनी वारिस (जैसे माताजी, भाई, बहन) हैं, तो बैंक दो तरीके अपनाता है:
ज्वाइंट क्लेम: सभी वारिस मिलकर एक साथ क्लेम करें और पैसा सबमें बांटा जाए.
NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र): यदि बाकी वारिस किसी एक व्यक्ति के खाते में पैसा ट्रांसफर करने पर सहमत हैं, तो उन्हें बैंक के फॉर्मेट में No Objection Certificate (NOC) लिखकर देना होगा. परिवार के बीच स्पष्टता रहने से क्लेम का काम काफी तेजी से निपट जाता है.
अन्य वित्तीय संपत्तियों (Financial Assets) की भी जांच करें
बैंक खाते के अलावा यह भी जरूर चेक करें कि कहीं पिताजी का कोई इंश्योरेंस क्लेम, पेंशन फंड, पीएफ (PF), या म्यूचुअल फंड में निवेश तो नहीं था. अक्सर सही जानकारी न होने की वजह से कई डिपॉजिट अनक्लेम्ड (Unclaimed) रह जाते हैं. हर वित्तीय संस्थान में क्लेम की प्रक्रिया लगभग एक जैसी ही होती है.