RBI ने क्रिप्टोकरेंसी को बताया अर्थव्यवस्था के लिए खतरा, नहीं म‍िलनी चाह‍िए कानूनी मान्‍यता

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक संसदीय समिति को बताया है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स भारत की उभरती अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं और इन्हें कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। टेरर फंडिंग और ड्रग तस्करी जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों में इनके इस्तेमाल की आशंका जताते हुए, केंद्रीय बैंक ने विदेशी क्रिप्टो कंपनियों को रेगुलेट करने में आने वाली मुश्किलों का जिक्र किया। जहां कुछ देशों ने ऐसी एसेट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं कुछ अन्य देशों ने इनके लिए कड़े नियम लागू किए हैं।

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आरबीआई ने क्र‍िप्‍टो को भारत की अर्थव्‍यवस्‍था के ल‍िए खतरा बताया

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को संसद की एक समिति (पार्लियामेंट्री पैनल) से कहा कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा हैं। इसलिए देश में इन्हें कानूनी मान्यता (Legalise) नहीं मिलनी चाहिए। आरबीआई ने वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया कि चीन और कतर जैसे देशों ने इन पर पूरी तरह बैन लगा रखा है, जबकि यूरोप ने बहुत ही कड़े नियमों के साथ इन्हें मंजूरी दी है। इस समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब कर रहे हैं।

इस बैठक में समिति ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और आगे का रास्ता विषय पर आरबीआई और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।

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आरबीआई ने जताई ये बड़ी चिंताएं:

बैठक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरबीआई ने समिति के सामने निम्नलिखित मुख्य बातें रखीं:

अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल: आरबीआई का मानना है कि इस डिजिटल पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने (Terror Funding) और ड्रग्स की तस्करी जैसे अवैध कामों में हो सकता है।

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निगरानी में मुश्किल: विदेशों से चलने वाली क्रिप्टो कंपनियों पर नजर रखना बहुत कठिन है, जो देश की सुरक्षा और रेगुलेटरी संस्थाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है।

बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने पत्रकारों को बताया कि आरबीआई भारत में क्रिप्टो को कानूनी मान्यता देने के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि समिति इनकम टैक्स कानून के तहत क्रिप्टो से जुड़े टैक्स ऑडिट के हिस्से की जांच कर रही है।

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आईसीएआई (ICAI) ने क्या कहा?
देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की सबसे बड़ी संस्था ICAI ने भी समिति के सामने अपनी बात रखी और कहा कि वे क्रिप्टो को लेकर एक मजबूत और व्यापक कानून बनाने के पक्ष में हैं। ICAI ने कहा कि वे क्रिप्टो से जुड़ी वित्तीय रिपोर्टिंग और नियमों को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। संस्था ने कहा क‍ि हम इस पर एक रिसर्च कर सकते हैं कि क्रिप्टो को फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (खाता-बही) में कैसे दिखाया जाए, ताकि इसे लेकर पूरी स्पष्टता रहे।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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