अक्टूबर में बढ़ सकती है आपकी EMI? US Fed के कड़े रुख के बाद RBI पर ब्याज दरें बढ़ाने का भारी दबाव

RBI Repo Rate Hike: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक फैसलों के बाद भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर काफी कम हो गया है. यस बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के चलते अक्टूबर में आरबीआई रेपो रेट बढ़ा सकता है. जानें विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये पर बढ़ते दबाव के बीच रिजर्व बैंक की आगामी बैठक पर क्या असर पड़ेगा.

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कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के चलते अक्टूबर में आरबीआई रेपो रेट बढ़ा सकता है. Credit AI

RBI Repo Rate Hike: अगर आप होम लोन या कार लोन की ईएमआई भरते हैं तो आने वाले महीने में आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर अक्टूबर की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ गया है. यस बैंक की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ के सख्त रुख और दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के घटते अंतर की वजह से यह स्थिति बनी है.

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अक्टूबर में क्यों बढ़ सकती हैं ब्याज दरें?

यस बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने की संभावना अब काफी बढ़ चुकी है. हालांकि, रिजर्व बैंक का अंतिम फैसला देश में विकास दर और महंगाई के आंकड़ों पर ही निर्भर करेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मजबूत कीमतें, अगस्त में खुदरा महंगाई (CPI) का बढ़ना और कोर इन्फ्लेशन में उछाल ऐसे बड़े कारण हैं, जो आरबीआई को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर सकते हैं.

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का भारत पर असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में सर्वसम्मति से अपनी नीतिगत ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद वहां ब्याज दरें 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में आ गई हैं. अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने साफ संकेत दिए हैं कि वह महंगाई को काबू करने के लिए दिसंबर में भी 0.25% की और बढ़ोतरी कर सकता है. अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच दरों का अंतर कम हो गया है. इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ रहा है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं.

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लिक्विडिटी पर रहेगी आरबीआई की नजर

रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि ब्याज दर में किसी भी बढ़ोतरी का असर इस बात पर तय होगा कि आरबीआई बाजार से अतिरिक्त नकदी को कितनी कुशलता से संभालता है. वर्तमान में वेटेड एवरेज कॉल रेट (WACR) 5.05 प्रतिशत के स्तर पर है. ऐसे में अक्टूबर की बैठक में रेपो रेट को लेकर कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले रिजर्व बैंक बाजार के लिक्विडिटी स्तर को बारीकी से परखेगा.

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Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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