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मैगी के बाद अब Nestle के बेबी फूड पर फंसा पेंच! FSSAI ने लिया लीगल एक्शन, जानें पूरा मामला

Nestle Baby Food Quality Issue: FSSAI ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ बेबी फूड की क्वालिटी और विज्ञापनों के नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है. जानें Lactogen Pro और NAN Excella विवाद का पूरा सच.

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दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) एक बार फिर खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के निशाने पर आ गई है. FSSAI ने कंपनी के बेबी फूड (Infant Nutrition Products) में क्‍वालिटी की कमी और नियमों के खिलाफ जाकर प्रचार करने को लेकर कानूनी कार्रवाई (Legal Action) शुरू कर दी है.

खबर सामने आते ही शेयर बाजार में नेस्ले इंडिया के शेयर करीब 3% तक गिर गए, हालांकि बाद में इनमें थोड़ा सुधार देखा गया. आइए, समझते हैं कि FSSAI को नेस्ले के किन प्रोडक्ट्स में खामी मिली है और कंपनी का इस पर क्या पक्ष है.

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यह भी पढ़ें : नेस्ले-पेप्सीको और कोका-कोला को FSSAI का नोटिस, भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ लिया एक्शन, भेजे 150 से ज्यादा नोटिस

FSSAI की जांच में क्या-क्या कमियां पाई गईं?

FSSAI ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ कुल तीन अलग-अलग मामले (Adjudication Cases) दर्ज किए हैं. लैब टेस्ट के दौरान नेस्ले के एक फॉलो-अप फॉर्मूला (बेबी फूड) सैंपल में बायोटिन (विटामिन B7) की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई. दोबारा जांच में भी यह सैंपल फेल हो गया.

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FSSAI का आरोप है कि नेस्ले ने अपने दो लोकप्रिय बेबी फूड प्रोडक्ट्स- NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 के प्रमोशन में नियमों का उल्लंघन किया है. इसके अलावा FSSAI के मुताबिक, यह फूड सेफ्टी रेगुलेशन्स 2020 और IMS (Infant Milk Substitutes) एक्ट 1992 का उल्लंघन है, जो शिशुओं के आहार के ऐसे विज्ञापनों और दावों पर रोक लगाता है जो उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए किए जाते हैं.

नेस्ले इंडिया का क्या कहना है?
नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि उनके सभी प्रोडक्ट्स पूरी तरह से भारतीय नियमों और मानकों का पालन करते हैं. कंपनी का कहना है कि जिन दो प्रोडक्ट्स पर प्रमोशन के उल्लंघन का आरोप लगा है, उनके लेबल FSSAI की एक्सपर्ट कमेटी से स्वीकृत (Approved) हैं. कंपनी ने इस संबंध में वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ अपना विस्तृत जवाब अथॉरिटी को सौंप दिया है.

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हालांकि, बायोटिन की कमी वाले तीसरे प्रोडक्ट पर कंपनी ने कोई सीधा बयान नहीं दिया है.

2015 का मैगी विवाद याद आया?
यह पहली बार नहीं है जब नेस्ले कानूनी घेरे में आई हो. इससे पहले 2015 में भी सीसा (Lead) की मात्रा अधिक होने और लेबलिंग में गड़बड़ी के चलते मैगी (Maggi) पर बैन लगा दिया गया था, जिसे बाद में री-टेस्टिंग के बाद वापस बाजार में उतारा गया था.

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नेस्ले के लिए क्यों बेहद अहम है यह बिजनेस?
नेस्ले इंडिया के कुल बिजनेस में दूध और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स (बेबी फूड्स) का सबसे बड़ा योगदान है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल $2.4 बिलियन (करीब 23000 करोड़ रुपये) की बिक्री में से एक-तिहाई कमाई इसी सेगमेंट से हुई है. ऐसे में FSSAI की यह कार्रवाई कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

First published on: Sep 19, 2026 08:17 AM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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