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बिजनेस

ईंधन संकट पर सरकार ने कसी कमर, LPG प्रोडक्शन में 10% की बढ़ोतरी; PM मोदी से मिले हरदीप पुरी

मिडिल ईस्ट (West Asia) में चल रहे तनाव की लपटें अब भारत की रसोई तक पहुंच गई हैं. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने दुनिया की लाइफलाइन कहे जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर दिया है. यह वही समुद्री रास्ता है जहाँ से भारत अपनी जरूरत का 62% LPG आयात करता है.ऐसे में देश में गैस का संकट खड़ा न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. आइए जानते हैं कि इस गैस संकट का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा और सरकार ने क्या तैयारी की है.

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Edited By : Vandana Bharti Updated: Mar 10, 2026 23:08

बीते कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर होटलों और रेस्टोरेंट मालिकों की जो चिंता बढ़ी थी, उस पर अब पूर्णविराम लगने वाला है. सरकार ने संकट को भांपते हुए न केवल अपनी रणनीति बदली है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. अगर आप सोच रहे थे कि क्या अब रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे या बाहर खाना मिलना मुश्किल होगा, तो यह खबर आपके लिए ही है. आइए, जानते हैं सरकार के इस मिशन राहत के बारे में.

रेस्टोरेंट मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी:

सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है. इसमें IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (EDs) शामिल हैं. यह कमेटी रेस्‍टोरेंट एसोस‍िएशनों के साथ सीधी बातचीत करेगी. उनकी वास्तविक जरूरतों को समझेगी. सप्लाई की प्राथमिकताओं (Priorities) को दोबारा तय करेगी ताकि बिजनेस पर असर न पड़े.

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घरेलू गैस का उत्पादन 10% बढ़ा
सरकार की री-प्रायोरिटाइजेशन रणनीति रंग ला रही है. सप्लाई को सही दिशा में मोड़ने के कारण पिछले कुछ दिनों में घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 10% की बढ़त दर्ज की गई है. साथ ही, अलग-अलग स्रोतों से LPG और LNG की नई खेपें भारत पहुंच रही हैं और आने वाले दिनों में और भी कंसाइनमेंट आने की पूरी उम्मीद है

संकट को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा भारत
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक व्यवधान के लिए भारत पहले से कहीं ज्यादा तैयार था. हमारी रिफाइनरियां संघर्ष से पहले की तरह अब पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. भारत अपनी 70% कच्चा तेल की सप्लाई अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के अलावा अन्य सुरक्षित स्रोतों से प्राप्त कर रहा है. सरकार का मानना है कि जैसे ही यह वैश्विक संकट खत्म होगा, भारत अन्य देशों की तुलना में सबसे तेजी से और बेहतर तरीके से उबरने की स्थिति में होगा.

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एक्सपोर्ट पर कोई रोक नहीं
फिलहाल रिफाइंड ऑयल (पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स) के निर्यात पर रोक लगाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. यह स्पष्ट करता है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है.

सरकार के इस सक्रिय कदम ने यह साबित कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है. जहां एक तरफ घरों की रसोई निर्बाध चल रही है, वहीं दूसरी तरफ रेस्टोरेंट और कमर्शियल सेक्टर की जरूरतों को भी अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा. तो बेफिक्र होकर अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट में जाएं और खाने का आनंद लें, क्योंकि सरकार ने गैस के मोर्चे पर वॉर रूम तैयार कर लिया है.

First published on: Mar 10, 2026 05:13 PM

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