Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

बिजनेस

Explainer: आटा 160 रुपये क‍िलो, दूध 230 रुपये प्रत‍ि लीटर… ऐसा है पाक‍िस्‍तान का हाल; कागज पर सब चंगा; लोग बेहाल

पाकिस्तान की स्थिति उस मरीज जैसी है जिसका 'बुखार' (Data) तो दवा (IMF Loan) से कम कर दिया गया है, लेकिन उसके शरीर के 'अंग' (Industries & People) अंदर से कमजोर होते जा रहे हैं. जब तक वहां राजनीतिक स्थिरता नहीं आती और आतंकवाद पर खर्च कम करके शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक 'कागजी सुधार' जनता का पेट नहीं भर पाएगा.

Author
Written By: Vandana Bharti Updated: Jan 15, 2026 18:11
बदहाल होती पाक‍िस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था

पाकिस्तान में महंगाई की स्थिति वास्तव में एक विरोधाभास बनी हुई है. सरकारी आंकड़ों (On Paper) में महंगाई दर में भारी गिरावट दिखाई दे रही है, लेकिन आम जनता के लिए बुनियादी जरूरतें अभी भी बहुत महंगी हैं. पाक‍िस्‍तान में मैक्रो डेटा (Macro Data) तो सुधरता हुआ दिखता है, लेकिन माइक्रो लेवल (आम जनता) पर हाहाकार मचा होता है. जनवरी 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में महंगाई की स्थिति कुछ इस तरह है:

यह भी पढ़ें : Budget 2026: मिडिल क्लास और टैक्सपेयर्स के लिए आने वाली है खुशखबरी! जानें

---विज्ञापन---

कागज पर ‘सुधार’ (The Paper Reality)

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत में वार्षिक महंगाई दर गिरकर 5.6% के आसपास आ गई है. यह वही देश है जहां 2024 में महंगाई 30-38% तक पहुंच गई थी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की फाइलों में पाकिस्तान थोड़ा बेहतर दिख रहा है क्योंकि मित्र देशों (सऊदी अरब, यूएई) के डिपॉजिट और IMF की किस्तों की वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में कुछ सुधार दिखा है. आयात (Imports) पर सख्त पाबंदी लगाकर सरकार ने कागजों पर घाटा कम कर लिया है. कराची स्टॉक एक्सचेंज (PSX) कई बार रिकॉर्ड ऊंचाई छूता है, जिससे लगता है कि निवेशकों का भरोसा लौट रहा है.

यह भी पढ़ें : 1 रुपये में म‍िल रही फ्लाइट की ट‍िकट! Indigo लाया गजब का ऑफर

---विज्ञापन---

जमीन पर ‘बेहाली’ (The Ground Reality)
कागजों पर ये आंकड़े आम आदमी की थाली तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके कारण लोग परेशान हैं. पाकिस्तान में महंगाई की दर अभी भी एशिया में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है. आटे, चीनी, दूध और पेट्रोल की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं. IMF की शर्तों को पूरा करने के लिए सरकार ने बिजली और गैस की सब्सिडी खत्म कर दी है. अब लोगों के घरों के बिल उनकी मासिक आय (Salary) से भी ज्यादा आ रहे हैं.

यह भी पढ़ें : PF पेंशनर्स के लिए खुशखबरी.. घर बैठे मिलेगा लाइफ सर्टिफिकेट

रोजमर्रा की चीजों के दाम

  • आटा (Flour): जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में ही आटे के दाम फिर बढ़े हैं. इस्लामाबाद में 20 किलो आटे का थैला करीब 2893 रुपये (PKR) तक पहुंच गया है. कई शहरों में 1 किलो आटे की कीमत 150 से 160 रुपये के बीच है.
  • पेट्रोल (Petrol): 1 जनवरी 2026 को कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत करीब 253.17 रुपये (PKR) प्रति लीटर है. हालांकि 16 जनवरी से इसमें 4-5 रुपये की और कटौती की उम्मीद है.
  • दूध और चिकन: 1 लीटर दूध की कीमत 220-230 रुपये (PKR) और चिकन (Branded/Cleaned) के दाम 750-840 रुपये (PKR) प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.
  • सब्जियां: प्याज अभी भी 120-150 रुपये और टमाटर 140 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहे हैं.

दूसरी ओर आयात पर पाबंदी की वजह से कच्चा माल नहीं आ पा रहा है, जिससे टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल जैसी बड़ी फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई हैं या वहां छंटनी हो रही है. पाकिस्तान जो नया कर्ज ले रहा है, उसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज का ‘ब्याज’ चुकाने में जा रहा है. विकास कार्यों के लिए पैसा ही नहीं बच रहा.

‘ब्रेन ड्रेन’ (Brain Drain)
पाकिस्तान के लोग इतने हताश हैं कि 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, रिकॉर्ड संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर और स्किल्ड वर्कर्स देश छोड़कर जा रहे हैं. लोगों का सिस्टम से भरोसा उठ चुका है.

First published on: Jan 15, 2026 06:10 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.