Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! 1500 अंक टूटा सेंसेक्स; ट्रंप की एक धमकी और स्वाहा हो गए करोड़ों रुपये

ईरान-इजरायल युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार में सुनामी ला दी है। आज 2 अप्रैल 2026 को शेयर बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सेंसेक्स में 1500 अंकों से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुछ ही घंटों में निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।

share market fall
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अगर आज आपने अपना पोर्टफोलियो लाल निशान में देखा है, तो आप अकेले नहीं हैं। आज यानी 2 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में किसी सुनामी जैसा मंजर है। सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं। सुबह 10:06 बजे के करीब, सेंसेक्स 1,532 अंक और निफ्टी करीब 480 अंक नीचे गिर गया। बाजार की हालत यह है कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों से तीन गुना ज्यादा है।

आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बुल (Bull) गायब हो गए और बियर (Bear) हावी हो गए? आइए आसान भाषा में समझते हैं गिरावट के 6 बड़े कारण:

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शेयर बाजार में ग‍िरावट के क्‍या कारण हैं ?

ट्रंप की पाषाण युग वाली धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने पूरी दुनिया के बाजारों को डरा दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर “बेहद भीषण हमला” (Extremely Hard Strike) करने की योजना बना रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर बातचीत नाकाम रही, तो वे ईरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली-पानी की व्यवस्था) को भी निशाना बनाएंगे। इस बयान से शांति की उम्मीदें खत्म हो गई हैं और युद्ध और भड़कने का डर पैदा हो गया है।

कच्चे तेल में ब्लास्ट
ट्रंप की धमकी का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड 5% उछलकर $105 प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, यह बहुत बुरी खबर है। महंगा तेल मतलब- ज्यादा महंगाई और कंपनियों का बढ़ता खर्च।

विदेशी निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा लगातार निकाल रहे हैं। अकेले कल (बुधवार) को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 8,331 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले। हालांकि घरेलू निवेशकों ने संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली का दबाव बहुत ज्यादा था।

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बैंक शेयरों की पिटाई
आज बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर 2.5% से ज्यादा टूट गए। इसकी वजह RBI की सख्ती है। आरबीआई ने रुपये में होने वाली सट्टेबाजी (Speculation) को रोकने के लिए बैंकों पर नकेल कसी है। अब बैंकों को पुराने तरीकों से मुनाफा कमाना मुश्किल होगा, जिसका असर उनके शेयरों पर दिख रहा है। SBI और HDFC जैसे दिग्गजों में भारी गिरावट है।

फार्मा सेक्टर को ट्रंप कार्ड का डर
फार्मा शेयरों में आज 3.75% की भारी गिरावट है। खबर आ रही है कि ट्रंप प्रशासन दवाओं पर 100% टैरिफ (टैक्स) लगाने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका को दवाएं भेजने वाली भारतीय फार्मा कंपनियों के मुनाफे पर बड़ा असर पड़ेगा।

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बाजार का डर (VIX) बढ़ा
इंडिया VIX (जो बाजार में उतार-चढ़ाव और डर को मापता है) आज 5% बढ़ गया। जब VIX बढ़ता है, तो इसका मतलब है कि ट्रेडर्स को आने वाले दिनों में और गिरावट या बड़ी उठापटक का डर सता रहा है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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