आपके पास भी है 50 या 100 रुपये का पुराना नोट? फटाफट करें ये काम; बन जाएंगे लखपत‍ि!

Old Indian Banknotes Demand: अक्‍सर ऐसा होता है क‍ि बेड के नीचे या अलमारी में हमें दो चार पुराने नोट म‍िल ही जाते हैं। अगर आपको अपने घर में पुराने 50 रुपये या 100 रुपये के नोट म‍िल गए हैं, जो ये आपको लखपत‍ि बना सकते हैं। आइये जानते है क‍ि कैसे ये पुराने नोट आपको मालामाल बना सकते हैं।

old notes (2)

अगर आप उनमें से एक हैं ज‍िनके पास अब भी पुराने नोटों की गड्डी पड़ी है और आप उसे बेकार समझ कर बच्‍चों को खेलने के ल‍िए दे रहे हैं, तो जरा संभल‍िए। ये पुराने नोट आपको अमीर बनने का रास्‍ता बता सकते हैं। जी हां, आपके घर में अगर पुराने गुल्लक या अलमारी के कोनों में या बेड के नीचे पुराने नोट पड़े हुए हैं, तो उन्हें बेकार समझने की भूल बिल्कुल न करें। आज के समय में भारत में पुराने और व‍िंटेज भारतीय नोटों (Vintage Indian Banknotes) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। इसल‍िए ज‍िन लोगों के पास पुराने नोट हैं, वो बिना एक भी रुपया निवेश किए, अपने घरों में रखे पुराने नोटों को बेचकर तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। आपको बता दें क‍ि इन पुराने नोटों के शौकीन और कलेक्टर्स, इन खास नोटों के लिए मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं।

विज्ञापन

लेक‍िन इसमें एक कैच है, ज‍िसे समझना बहुत जरूरी है। तो आइये आपको बताते हैं क‍ि पुराने नोट आपको कैसे मालामाल बना सकते हैं।

विज्ञापन

786 नंबर की भारी डिमांड

आपको ये बात समझनी होगी क‍ि आपके पास रखे हर पुराने नोट की कीमत लाखों में नहीं है, बल्‍क‍ि नोटों के बाजार में सबसे ज्यादा कीमत उन नोटों की लगती है जिनका सीरियल नंबर अनोखा या सांस्कृतिक रूप से खास होता है। अगर आपके पास 5, 10, 20, 50 या 100 रुपये का कोई ऐसा नोट है जिसके आखिरी में 786 आता है, तो उसकी कीमत उसकी असली वैल्यू से कई गुना ज्यादा मिल सकती है।

इसके अलावा 111111 या 123456 जैसे फैंसी नंबर वाले नोटों को भी कलेक्टर्स हाथों-हाथ खरीदते हैं।

विज्ञापन

पुराने 50 रुपये के नोट की मांग
बाजार में जब से नए डिजाइन के नोट आए हैं, तब से पुराने डिजाइन वाले 50 रुपये के नोटों की मौजूदगी बहुत कम हो गई है। दरअसल, आरबीआई धीरे-धीरे अपने पुराने नोटों को वापस ले लेता है। लेक‍िन फ‍िर भी कुछ नोट रह जाते हैं। अगर आपके पास पुराने डिजाइन का 50 रुपये का नोट बिल्कुल कड़क और साफ-सुथरा (बिना मुड़ा या फटा हुआ) है, तो वह आपको हजारों से लेकर लाखों रुपये तक दिला सकता है।

अगर उस पुराने 50 रुपये के नोट में कोई खास सीरियल नंबर या प्रिंटिंग की गलती (Error) है, तो उसकी कीमत और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

विज्ञापन

प्रिंटिंग की गलतियां (Printing Errors) बनाती हैं कीमती
सोशल मीडिया और ऑनलाइन फोरम पर उन नोटों की भारी चर्चा रहती है जिनमें छपाई के दौरान कोई गड़बड़ी हो गई हो। जैसे:

  • नोट का मिसअलाइन होना (टेढ़ा छपना)।
  • दोनों तरफ अलग-अलग सीरियल नंबर छप जाना।
  • सीमित संख्या में छपे विशेष नोट।

लेक‍िन इस बात का भी ध्‍यान रखें क‍ि इंटरनेट पर दिखने वाला हर दावा सच नहीं होता। इसल‍िए बहुत सावधानी से ही डील करें। किसी भी नोट की असली कीमत उसकी दुर्लभता (Rarity), बाजार में उसकी मांग और उसकी असलियत (Authenticity) की जांच करने के बाद ही तय होती है।

विज्ञापन

कहां और कैसे बेचें?
आजकल कई ऐसी ऑनलाइन वेबसाइट्स और मार्केटप्लेस हैं जहां आप अपने नोटों की साफ तस्वीरें अपलोड करके, अपनी मनचाही कीमत लिख सकते हैं। वहां खरीदार आपसे सीधे संपर्क करते हैं और आप उनसे मोल-भाव (Negotiate) कर सकते हैं।

फ्रॉड से बचें
पुराने नोटों के कलेक्‍टर्स के अलावा ठगी करने वाले भी एक्टिव हो गए हैं। इसल‍िए अगर कोई व्यक्ति आपके नोट को लाखों में बिकवाने का वादा करके आपसे रजिस्ट्रेशन फीस या एडवांस चार्ज मांगता है, तो समझ लें क‍ि वह पक्का फ्रॉड है। किसी भी अनजान खरीदार के साथ अपनी पर्सनल बैंकिंग डिटेल या ओटीपी (OTP) शेयर न करें। केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म और आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ