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7% की स्पीड से दौड़ेगी भारत की इकोनॉमी! Moody’s ने बढ़ाया GDP ग्रोथ अनुमान, पर दिए 2 बड़े अलर्ट

Moodys Raises India FY27 GDP Growth Rate Forecast: रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया. जानिए अर्थव्यवस्था में तेजी के कारण और कच्चे तेल व कर्ज पर मूडीज की चेतावनी.

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भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s Ratings) ने एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर दी है. मूडीज ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ के अनुमान को सीधे 1% बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. इससे पहले मूडीज ने इसके 6% रहने का अनुमान जताया था.

लेकिन इस गुड न्यूज के साथ मूडीज ने दो बड़े मोर्चों – देश पर बढ़ता कर्ज और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें, पर चेतावनी भी जारी की है.

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आखिर क्यों बढ़ा भारत की ग्रोथ का अनुमान?

मूडीज की रेटिंग कमेटी ने 10 सितंबर को अपनी समीक्षा पूरी की और 18 सितंबर को इसके नतीजे जारी किए. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती G20 अर्थव्यवस्था बना रहेगा.

यह भी पढ़ें: भारत कब नहीं… कैसे बनेगा विश्व गुरु, 2047 से पहले विकसित देशों से क्या-क्या सीखने की है जरूरत?

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ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाने के पीछे मूडीज ने 3 बड़ी वजहें बताई हैं:

  1. प्राइवेट कंजम्पशन (खर्च में बढ़ोतरी): आम लोगों और परिवारों की खरीदारी और सेवाओं पर खर्च में लगातार तेजी आ रही है.
  2. डिजिटलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और डिजिटल इंफ्रा पर सरकारी खर्च (Capital Expenditure) का बड़ा फायदा अर्थव्यवस्था को मिल रहा है.
  3. सर्विसेज और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट: सर्विस सेक्टर की मजबूती और प्राइवेट कंपनियों की तरफ से नए निवेश (Private Sector Investment) का दौर फिर से शुरू होना.

कैलेंडर ईयर 2026 के शुरुआती 6 महीनों में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 8.2% दर्ज की गई, जो कि 2025 में 7.3% थी. भारत की सोवरेन रेटिंग फिलहाल Baa3 (Stable Outlook) पर बरकरार रखी गई है.

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ये 2 बड़े खतरे बिगाड़ सकते हैं खेल
मूडीज ने साफ किया है कि भारत की रफ्तार तो मजबूत है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर कुछ जोखिम बने हुए हैं. पहला खतरा ये है क‍ि अगर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में संघर्ष लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल (Crude Oil) और ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं. इससे महंगाई दर (Inflation) बढ़कर 4.8% तक पहुंच सकती है, जो बीते वित्त वर्ष में महज 2.4% थी. इसके अलावा एल-नीनो (El Niño) के असर से खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं.

मूडीज के मुताबिक भारत के लिए दूसरा खतरा है देश का कर्ज. ये भारत की सबसे कमजोर कड़ी है. भले ही सरकार राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को 4.3% पर लाने का लक्ष्य रख रही है, लेकिन रक्षा बजट, एनर्जी सब्सिडी और इंफ्रा खर्च के कारण अगले 2-3 सालों में कर्ज के बोझ में कोई बड़ी कमी आने की उम्मीद नहीं है. हालांक‍ि भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) है और हम अलग-अलग देशों से क्रूड ऑयल खरीद रहे हैं, जिससे ग्लोबल झटकों को सहने की क्षमता बनी हुई है.

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First published on: Sep 18, 2026 12:23 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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