MGNREGA खत्म: आज से लागू हुई सरकार की नई VB-G RAM G योजना, अब रोज मिलेंगे 327.4 रुपये; जानें सब कुछ

Govt rolls out VB-G RAM G: केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से मनरेगा को खत्म कर नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना VB-G RAM G लागू कर दी है। अब मजदूरों को ₹327.4 दैनिक मजदूरी और 125 दिन काम की गारंटी मिलेगी।

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मनरेगा में मजदूरों को 100 द‍िनों का काम म‍िलता था। नई व्‍यवस्‍था में उन्‍हें 125 द‍िनों का काम म‍िलेगा

ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने आज यानी 1 जुलाई 2026 से एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत बदलाव लागू कर दिया है। देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा (MGNREGA) का सफर अब समाप्त हो गया है। सरकार ने मनरेगा एक्ट, 2005 को निरस्त (Repeal) करके उसकी जगह बिल्कुल नया कानून VB-G RAM G (विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण) लागू कर दिया है।

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इस नए कानून के तहत न केवल योजना का स्वरूप बदला गया है, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के लिए दैनिक मजदूरी (Daily Wages) की दरों में भी बड़ा संशोधन किया गया है।

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अब हर दिन मिलेंगे ₹327.4 की मजदूरी

नए VB-G RAM G एक्ट के तहत सरकार ने देश भर में ग्रामीण मजदूरों के लिए दैनिक मजदूरी की दरों को रिवाइज (संशोधित) कर दिया है। अब इस योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को ₹327.4 प्रति दिन के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी। इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों की दैनिक आय में सुधार होगा और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा।

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क्या है नया VB-G RAM G एक्ट और इसमें क्या बदला?
सरकार द्वारा लागू की गई इस आधुनिक ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में कई व्यावहारिक और कड़े बदलाव किए गए हैं, जो इसे पुरानी मनरेगा योजना से अलग बनाते हैं:

125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी: पुरानी योजना में जहां साल में 100 दिन काम की गारंटी मिलती थी, वहीं नए कानून के तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के अकुशल रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी।

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बजट और फंडिंग का 60:40 फॉर्मूला: अब इस योजना का खर्च केवल केंद्र सरकार अकेले नहीं उठाएगी। नए नियमों के अनुसार, सामान्य राज्यों में फंडिंग का पैटर्न 60:40 का होगा (यानी 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देगी)। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह रेशियो 90:10 का रखा गया है।

कृषि सीजन में ब्लैकआउट पीरियड: किसानों को व्यस्त सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान मजदूरों की किल्लत न हो, इसके लिए राज्यों को सालभर में कुल 60 दिनों का पॉज पीरियड रखने की छूट दी गई है। इस अवधि में योजना के तहत काम बंद रहेगा ताकि मजदूर खेतों में काम कर सकें।

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टिकाऊ संपत्तियों का निर्माण: अब सिर्फ खानापूर्ति या गड्ढे खोदने जैसे अस्थाई काम नहीं होंगे। नई योजना के तहत गांवों में जल सुरक्षा (Water Security), ग्रामीण बुनियादी ढांचा और आजीविका से जुड़े टिकाऊ और हाईटेक एसेट्स बनाए जाएंगे।

पुराने जॉब कार्ड धारक क्या करें?
मनरेगा के तहत बने पुराने जॉब कार्ड धारकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार के मुताबिक, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते, तब तक पुराने और ई-केवाईसी (e-KYC) वेरीफाइड जॉब कार्ड ही वैध माने जाएंगे और उन्हीं के आधार पर नया काम और बढ़ी हुई मजदूरी मिलेगी।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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