ITR Filing Last Date 2026: 31 जुलाई नहीं, इस डेट तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं आप! जानें क्या है नई डेडलाइन
अगर आप भी 31 जुलाई को ITR फाइल करने की आखिरी तारीख समझ रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर काफी जरूरी है. जानिए 31 जुलाई या 31 अगस्त कब कर सकते हैं ITR फाइल?
Written By: Azhar Naim|Updated: Jul 21, 2026 18:13
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jul 21, 2026 18:13
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ITR फाइल करने की डेडलाइन क्या है? (Image: AI/Pexels)
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खबर की मुख्य बातें:-
31 जुलाई 2026 सभी टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख नहीं है.
जिन लोगों की इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से है और टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक ITR फाइल कर सकते हैं.
अगर आपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O ट्रेडिंग की है, तो आपकी ITR की डेडलाइन सामान्य सैलरी वाले टैक्सपेयर्स से अलग हो सकती है.
कहीं आप भी तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 का इंतजार तो नहीं कर रहे हैं? अगर आप भी यह समझ रहे हैं कि 31 जुलाई को ITR फाइल करना है, तो आपको पहले यह अपडेट जाना जरूरी है. शायद आपको जानकारी न हो, लेकिन कुछ टैक्सपेयर्स के लिए सरकारस ने ITR भरने की डेडलाइन 31 अगस्त कर दी है. खास बात यह है कि अगर आपने पिछले फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड किया है, तो आपको भी यह एकस्ट्रा समय मिलेगा. ऐसे में बिना जानकारी के जल्दबाजी करने के बजाय पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी ITR फाइलिंग की सही डेडलाइन क्या है.
रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख हर किसी के लिए 31 जुलाई नहीं है. नए आयकर नियमों के अनुसार, जिनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनके अकाउंट का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना ITR दाखिल कर सकते हैं. इसका मतलब साफ कि अगर आप पूरे फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में कोई ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स विभाग आपको बिजनेस इनकम वाले टैक्सपेयर की श्रेणी में रख सकता है. ऐसे मामलों में आपकी ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई नहीं बल्कि 31 अगस्त हो सकती है.
इंट्राडे और F&O ट्रेडिंग पर इनकम टैक्स के क्या नियम हैं?
आयकर कानून के तहत इंट्राडे ट्रेडिंग से होने वाला फायदा या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है. इस पर सामान्य आयकर स्लैब के अनुसार ही टैक्स लगता है और अगर नुकसान होता है, तो उसे सिर्फ स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम से होने वाले मुनाफे के साथ ही एडजस्ट किया जा सकता है. वहीं हीं फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से होने वाली आय या नुकसान को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है. भले ही इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन आयकर नियम इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखते हैं. यही वजह है कि F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले कई टैक्सपेयर्स की ITR की डेडलाइन सामान्य सैलरी वाले कर्मचारियों से अलग हो सकती है.
किन प्रोफेशनल्स को भी मिलेगा बढ़ी हुई डेडलाइन का लाभ?
31 अगस्त 2026 तक ITR दाखिल करने की सुविधा सिर्फ शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों तक सीमित नहीं है. बल्कि ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता, वे भी इस एक्ट्रा टाइम का फायदा उठा सकते गैं. इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कंसल्टेंट और अन्य स्वतंत्र पेशेवर शामिल हैं. बशर्ते, उनका इनकम टैक्स ऑडिट लिमिट से कम हो. इसलिए रिटर्न भरने से पहले अपनी आय की श्रेणी और ऑडिट की पात्रता की जांच करना जरूरी है.
कुछ मामलों में 31 अक्टूबर तक भी भर सकते हैं ITR
अगर आपकी बिजनेस इनकम या F&O ट्रेडिंग का टर्नओवर आयकर विभाग द्वारा निर्धारित टैक्स ऑडिट सीमा से ज्यादा है, तो पहले आपको अपने अकाउंट्स का ऑडिट कराना होगा. ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी. इसलिए सिर्फ 31 जुलाई की तारीख को आखिरी मान लेना कई लोगों के लिए गलत साबित हो सकता है. समय पर सही श्रेणी में ITR दाखिल करने से न सिर्फ जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि टैक्स प्रक्रिया भी बिना किसी परेशानी के पूरी हो जाती है.
मुख्य निष्कर्ष- ITR दाखिल करने से पहले अपनी इनकम की कैटेगरी और लागू नियमों को समझना जरूरी है. हर टैक्सपेयर के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख नहीं होती है. बिजनेस, प्रोफेशन, इंट्राडे या F&O ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को 31 अगस्त या टैक्स ऑडिट वाले मामलों में 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न फाइल करने का मौका मिल सकता है.
31 जुलाई 2026 सभी टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख नहीं है.
जिन लोगों की इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से है और टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक ITR फाइल कर सकते हैं.
अगर आपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O ट्रेडिंग की है, तो आपकी ITR की डेडलाइन सामान्य सैलरी वाले टैक्सपेयर्स से अलग हो सकती है.
कहीं आप भी तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 का इंतजार तो नहीं कर रहे हैं? अगर आप भी यह समझ रहे हैं कि 31 जुलाई को ITR फाइल करना है, तो आपको पहले यह अपडेट जाना जरूरी है. शायद आपको जानकारी न हो, लेकिन कुछ टैक्सपेयर्स के लिए सरकारस ने ITR भरने की डेडलाइन 31 अगस्त कर दी है. खास बात यह है कि अगर आपने पिछले फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड किया है, तो आपको भी यह एकस्ट्रा समय मिलेगा. ऐसे में बिना जानकारी के जल्दबाजी करने के बजाय पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी ITR फाइलिंग की सही डेडलाइन क्या है.
रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख हर किसी के लिए 31 जुलाई नहीं है. नए आयकर नियमों के अनुसार, जिनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनके अकाउंट का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना ITR दाखिल कर सकते हैं. इसका मतलब साफ कि अगर आप पूरे फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में कोई ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स विभाग आपको बिजनेस इनकम वाले टैक्सपेयर की श्रेणी में रख सकता है. ऐसे मामलों में आपकी ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई नहीं बल्कि 31 अगस्त हो सकती है.
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इंट्राडे और F&O ट्रेडिंग पर इनकम टैक्स के क्या नियम हैं?
आयकर कानून के तहत इंट्राडे ट्रेडिंग से होने वाला फायदा या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है. इस पर सामान्य आयकर स्लैब के अनुसार ही टैक्स लगता है और अगर नुकसान होता है, तो उसे सिर्फ स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम से होने वाले मुनाफे के साथ ही एडजस्ट किया जा सकता है. वहीं हीं फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से होने वाली आय या नुकसान को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है. भले ही इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन आयकर नियम इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखते हैं. यही वजह है कि F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले कई टैक्सपेयर्स की ITR की डेडलाइन सामान्य सैलरी वाले कर्मचारियों से अलग हो सकती है.
किन प्रोफेशनल्स को भी मिलेगा बढ़ी हुई डेडलाइन का लाभ?
31 अगस्त 2026 तक ITR दाखिल करने की सुविधा सिर्फ शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों तक सीमित नहीं है. बल्कि ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता, वे भी इस एक्ट्रा टाइम का फायदा उठा सकते गैं. इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कंसल्टेंट और अन्य स्वतंत्र पेशेवर शामिल हैं. बशर्ते, उनका इनकम टैक्स ऑडिट लिमिट से कम हो. इसलिए रिटर्न भरने से पहले अपनी आय की श्रेणी और ऑडिट की पात्रता की जांच करना जरूरी है.
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कुछ मामलों में 31 अक्टूबर तक भी भर सकते हैं ITR
अगर आपकी बिजनेस इनकम या F&O ट्रेडिंग का टर्नओवर आयकर विभाग द्वारा निर्धारित टैक्स ऑडिट सीमा से ज्यादा है, तो पहले आपको अपने अकाउंट्स का ऑडिट कराना होगा. ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी. इसलिए सिर्फ 31 जुलाई की तारीख को आखिरी मान लेना कई लोगों के लिए गलत साबित हो सकता है. समय पर सही श्रेणी में ITR दाखिल करने से न सिर्फ जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि टैक्स प्रक्रिया भी बिना किसी परेशानी के पूरी हो जाती है.
मुख्य निष्कर्ष- ITR दाखिल करने से पहले अपनी इनकम की कैटेगरी और लागू नियमों को समझना जरूरी है. हर टैक्सपेयर के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख नहीं होती है. बिजनेस, प्रोफेशन, इंट्राडे या F&O ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को 31 अगस्त या टैक्स ऑडिट वाले मामलों में 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न फाइल करने का मौका मिल सकता है.