Nitin Arora
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Indian Railways: भारतीय रेलवे पहले वरिष्ठ नागरिकों को काफी सुविधा मुहैया कराया करता था। हालांकि, अब सुविधाएं कुछ कम हो गई है। ऐसे में ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों की स्थिति के बारे में जानना चाहिए। सूचना के अधिकार के अनुसार, 2019 और 2022 के बीच ट्रेन से यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में 85% की गिरावट आई है, जो भारतीय रेलवे के लिए एक सेंध के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस बात पर भी गौर दिया जाना चाहिए कि इन नागरिकों की कमी के कारण कमाई भी 90% से अधिक कम हो गई है।
एक निजी चैनल द्वारा दायर एक आरटीआई के जवाब से पता चलता है कि कैलेंडर वर्ष 2022 में लगभग 1.2 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रेन से यात्रा की, जिससे 150 करोड़ रुपये की कमाई हुई। वहीं, 2019 में, 7.4 करोड़ वरिष्ठ नागरिक ट्रेन यात्री थे जिनसे रेलवे को 1,663 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ।
रेलवे में यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में 2019 के बाद से लगातार गिरावट आई है – 2020 में 7.4 करोड़ से 1.8 करोड़, 2021 में 1.3 करोड़ और पिछले साल 1.2 करोड़।
2019 में प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक यात्री से रेलवे की औसत कमाई 225 रुपये थी जो 2022 में घटकर आधी रह कर 123 रुपये हो गई।
आरटीआई डेटा से यह भी पता चला है कि 2019 और 2022 के बीच, सभी श्रेणियों में बुक किए गए कुल टिकटों में लगभग 30% की वृद्धि दर्ज की गई है, और 2021 और 2022 के बीच इसमें 12% की वृद्धि हुई है। 2019 में रेलवे ने 36,380 करोड़ रुपए की कमाई करते हुए 42 करोड़ टिकट बुक किए थे। 2022 में, यह बढ़कर 53.54 करोड़ टिकट हो गया, जिससे राजस्व में 47,757 करोड़ रुपये उत्पन्न हुए।
मार्च 2020 में, कोरोना वायरस के प्रकोप के साथ, भारतीय रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों सहित विभिन्न श्रेणियों के लोगों के लिए ट्रेन टिकट रियायत को वापस लेने की घोषणा की थी। कोविड से पहले रेलवे ने मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी, जन शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों की सभी श्रेणियों में 60 वर्ष और उससे अधिक के पुरुष वरिष्ठ नागरिकों और 58 वर्ष और उससे अधिक की महिलाओं को किराए में रियायत दी थी।
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पुरुषों को 40% जबकि महिलाओं को 50% की छूट मिल रही थी। उन्हें टिकट बुक करते समय ‘avail concession’ विकल्प का विकल्प चुनना था और यात्रा के दौरान उन्हें उम्र का प्रमाण ले जाने की आवश्यकता थी।
अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि वे फिर से वरिष्ठ नागरिकों को किराए में रियायत नहीं देंगे। मंत्रालय के अधिकारी कहते हैं, ‘हम पहले से ही सभी यात्रियों के लिए 50-55% रियायत दे रहे हैं। अगर हम कोई रियायत नहीं देते हैं तो टिकट की दर लगभग दोगुनी हो जाएगी। और अधिक रियायत की गुंजाइश नहीं है। हमें कैपेक्स का भी ध्यान रखना होगा। हमारे पास व्यय हैं जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए।’
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