Gratuity Rules New Labor Code 1 Year Eligibility: प्राइवेट या सरकारी सेक्टर में काम करने वाले हर कर्मचारी के लिए ग्रेच्युटी (Gratuity) एक बड़ा वित्तीय सहारा होती है. नए लेबर कोड (New Labor Code) लागू होने के बाद ग्रेच्युटी के नियमों में बड़ा बदलाव आया है. अब कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि 1 साल की नौकरी पूरी होने पर ही वे इसके हकदार बन जाते हैं.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंपनी आपके इस हक के पैसे को रोकने का भी अधिकार रखती है? जी हां, अगर कर्मचारी से जाने-अनजाने कुछ गंभीर गलतियां हो जाएं, तो कंपनी कानूनी रूप से ग्रेच्युटी रोकने या काटने का फैसला ले सकती है. आइए आपको बताते हैं कि किन परिस्थितियों में आपकी ग्रेच्युटी अटक सकती है.
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किन गलतियों की वजह से रुक सकती है ग्रेच्युटी?
कंपनी बिना वजह आपकी ग्रेच्युटी का पैसा नहीं रोक सकती, लेकिन इन 4 गंभीर परिस्थितियों में उसे ऐसा करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है:
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गंभीर अनुशासनहीनता या हिंसक व्यवहार (Misconduct):
अगर कर्मचारी पर कार्यस्थल पर हिंसा, गाली-गलौज, धमकी या उत्पीड़न (Harassment) जैसे गंभीर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी उसकी ग्रेच्युटी रोक सकती है.
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कंपनी को हुआ वित्तीय नुकसान (Financial Loss):
अगर कर्मचारी की लापरवाही या गलती के कारण कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचता है, तो कंपनी उस नुकसान की भरपाई के लिए ग्रेच्युटी की रकम में से कटौती कर सकती है.
धोखाधड़ी या आपराधिक गतिविधि (Fraud & Theft):
चोरी, रिश्वतखोरी, जालसाजी या किसी भी तरह के वित्तीय फ्रॉड में संलिप्त पाए जाने पर पूरी ग्रेच्युटी जब्त की जा सकती है.
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कंपनी का ग्रेच्युटी एक्ट में रजिस्टर्ड न होना:
अगर किसी संस्थान में 10 से कम कर्मचारी हैं और वह ग्रेच्युटी एक्ट के तहत नहीं आती है, तो ग्रेच्युटी देना या न देना कंपनी की इच्छा पर निर्भर करता है.
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कंपनी सीधे नहीं रोक सकती पैसा, अपनानी होगी पूरी कानूनी प्रक्रिया
अगर कंपनी किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी रोकना चाहती है, तो उसे नियमों का पालन करना होगा:
कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice): कंपनी को पहले ठोस सबूत के साथ कर्मचारी को नोटिस जारी करना होगा.
पक्ष रखने का मौका: दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने के बाद ही कार्रवाई होगी.
उचित कटौती: कंपनी केवल उतने ही पैसे काट सकती है, जितना नुकसान कर्मचारी की वजह से हुआ है, न कि मनमर्जी से पूरा पैसा.