ईपीएफ (EPF) से जुड़े पुराने कानूनी मामलों और जुर्माने को लेकर परेशान कंपनियों और नियोक्ताओं (Employers) के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने Vishwas 2026 Scheme की शुरुआत की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य कंपनियों के लंबित EPF Damage Cases को कम दर पर आपसी सहमति से निपटाने का मौका देना है, ताकि सालों से कोर्ट-कचहरी में चल रहे विवादों को खत्म किया जा सके.
आइए समझते हैं कि EPFO की यह विश्वास योजना क्या है, इसमें जुर्माने की दरें क्या होंगी और कौन-कौन इसका फायदा उठा सकता है.
क्या है EPFO Vishwas Scheme 2026?
विश्वास 2026 स्कीम के जरिए उन कंपनियों को राहत दी जा रही है, जिन पर ईपीएफ अंशदान में देरी या डिफॉल्ट के कारण भारी जुर्माना (Damages) लगाया गया था. यह योजना उन पात्र संस्थानों के लिए है जिनके EPF Damage से जुड़े मामले फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court), हाई कोर्ट (High Court) या Central Government Industrial Tribunal (CGIT) में लंबित (Pending) हैं. इस योजना का आवेदन करके कंपनियां कम पेनल्टी भरकर अपने पुराने केस बंद करवा सकती हैं.
जुर्माने (Damages) की दरें क्या तय की गई हैं?
इस योजना के तहत कंपनियां कितना पेनल्टी जमा करेंगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने ईपीएफ भुगतान में कितने समय की देरी की है:
- 2 महीने से कम: 0.25% प्रति माह
- 2 महीने से 4 महीने तक : 0.50% प्रति माह
- 4 महीने या उससे ज्यादा: 1% प्रति माह
आवेदन की अंतिम तारीख
अगर कोई कंपनी इस योजना का लाभ उठाकर अपने ईपीएफ विवाद खत्म करना चाहती है, तो उसके पास 29 दिसंबर 2026 तक का समय है. 11 अगस्त की स्थिति को देखें तो कंपनियों के पास इस योजना का लाभ उठाने के लिए अभी 4 महीने से ज्यादा का पर्याप्त समय बाकी है. पात्र संस्थानों को समय रहते अपने पुराने मुकदमों और बकाये की जांच करके आवेदन कर देना चाहिए.
कंपनियों के लिए क्यों फायदेमंद है यह स्कीम?
ईपीएफ विवाद लंबे समय तक खींचने से कंपनियों का समय, कानूनी खर्च और आर्थिक संसाधन दोनों बर्बाद होते हैं. विश्वास 2026 योजना के तहत कानूनी झंझटों से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी.
इसके अलावा पेनल्टी की दरें बहुत कम रखी गई हैं, जिससे आर्थिक बोझ कम पड़ेगा और कंपनी की क्रेडिट और प्रतिष्ठा (Reputation) में सुधार होगा.
दरअसल EPFO की यह Vishwas 2026 Scheme कंपनियों के लिए अपने पुराने ईपीएफ विवादों को बेहद कम खर्च में सुलझाने का एक बेहतरीन मौका है. अगर आपकी कंपनी का भी कोई मामला अदालत या ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है, तो 29 दिसंबर 2026 से पहले आवेदन करके इस छूट का लाभ जरूर उठाएं.
संबंधित खबरें
यूपी में आएगा जापान का बड़ा निवेश, नोएडा-मथुरा में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की तैयारी
14 mins agoLPG Aadhaar KYC Last Date: 1 अक्टूबर से बिना आधार ऑथेंटिकेशन नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी, जानिए घर बैठे केवाईसी करने का तरीका
8 hrs agoRBI Bank Holiday List: अक्टूबर में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें RBI की हॉलिडे लिस्ट
9 hrs agoOctober 2026 Rules Change: 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे आपकी जेब से जुड़े ये 9 बड़े नियम! जानिए पूरी डिटेल
10 hrs agoGold Silver Rate Today: सोना सस्ता हुआ या आज हो गया महंगा; चेक करें सोना-चांदी के लेटेस्ट रेट
11 hrs agoकच्चे तेल की सप्लाई सुधरी पर ब्रेंट अब भी $100 पार, जानिए किन देशों में डबल हुए डीजल के दाम
14 hrs agoNew EPF Rule: बेसिक सैलरी 20,000 है तो कितना कटेगा PF और कितना जाएगा पेंशन में? जानिए नया नियम
15 hrs agoRailway New Rule : 1 अक्टूबर से बिना ओरिजिनल ID के ट्रेन सफर पड़ेगा भारी! जानिए रेलवे के नए नियम
16 hrs agoCement Price Hike Alert: मकान बनाना होगा अब महंगा, अक्टूबर में प्रति बोरी 20 रुपये तक बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम
1 day agoGold Silver Rate Fall Today: आज और गिर गया सोने चांदी का भाव; दिवाली से पहले कितना सस्ता हुआ सोना; चेक करें लेटेस्ट रेट
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines