Budget 2026 Expectation: छोटे कर्ज लेने वालों के बीच गोल्ड लोन सबसे प्रचलित है. इनमें ज्यादातर लोन 50000 रुपये से कम होते हैं. इन पैसों का इस्तेमाल आमतौर पर मेडिकल खर्च, शिक्षा, खेती की जरूरतों या छोटे बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाता है. जबकि बैंकों को ऐसे लोन के लिए प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) का फायदा मिलता है, गोल्ड लोन NBFCs को इससे बाहर रखा गया है, जिससे उनके लिए उधार लेने की लागत बढ़ जाती है. आइये जानते हैं कि इस बार बजट 2026 में गोल्ड लोन को लेकर कौन से बदलाव हो सकते हैं और आप पर इसका क्या असर होगा.
Budget Expectation: सस्ता एजुकेशन, लोन और स्किल डेवलपमेंट… शिक्षा क्षेत्र को क्या है बजट से उम्मीदें
मीडिया रिपोर्ट्स और बैंकिंग जानकारों के अनुसार, इस बार बजट में गोल्ड लोन को लेकर 4 बड़े अपडेट देखने को मिल सकते हैं. आइये आपको उसके बारे में बताते हैं:
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2.5 लाख रुपये तक के लोन पर ज्यादा पैसा
अब तक आप अपने सोने की कीमत का 75% ही लोन ले पाते थे. नए नियमों, जो अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं, के तहत, 2.5 लाख रुपये तक के छोटे लोन के लिए इसे बढ़ाकर 85% किया जा सकता है. अगर आपका सोना 1 लाख रुपये का है, तो पहले आपको 75,000 रुपये मिलते थे, लेकिन अब 85,000 तक मिल सकेंगे.
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UPI के जरिए गोल्ड लोन
मुथूट और मणप्पुरम जैसे बड़े खिलाड़ी मांग कर रहे हैं कि गोल्ड लोन को UPI से जोड़ दिया जाए. अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा ये होगा कि आपके पास एक 'क्रेडिट लाइन' होगी. आप बाजार में सामान खरीदते वक्त सीधे अपने 'गोल्ड लोन अकाउंट' से UPI पेमेंट कर सकेंगे. यानी आपको बार-बार बैंक जाकर पैसे निकालने की जरूरत नहीं होगी.
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'प्रायोरिटी सेक्टर' का दर्जा
बजट में गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों (NBFCs) को प्रायोरिटी सेक्टर में शामिल करने का संकेत मिल सकता है. इससे इन कंपनियों को बैंकों से सस्ता कर्ज मिलेगा. जब कंपनियों को सस्ता पैसा मिलेगा, तो वे आम जनता को भी कम ब्याज दरों पर गोल्ड लोन दे पाएंगी.
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पेपरलेस और तेज प्रक्रिया
सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके गोल्ड लोन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने पर जोर दे सकती है. अभी गोल्ड लोन लेने में 30-45 मिनट लगते हैं, बजट के बाद इसे और कम करके 5-10 मिनट करने का लक्ष्य है. ई-केवाईसी और डिजिटल वैल्यूएशन से काम बहुत तेज हो जाएगा.
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आपके लिए क्या बदलेगा?
अगर ये 4 अपडेट लागू होते हैं, तो गोल्ड लोन लेना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने जैसा आसान हो जाएगा. खास तौर पर छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए यह इमरजेंसी फंड जुटाने का सबसे सस्ता और तेज जरिया बनेगा.
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मीडिया रिपोर्ट्स और बैंकिंग जानकारों के अनुसार, इस बार बजट में गोल्ड लोन को लेकर 4 बड़े अपडेट देखने को मिल सकते हैं. आइये आपको उसके बारे में बताते हैं:
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2.5 लाख रुपये तक के लोन पर ज्यादा पैसा
अब तक आप अपने सोने की कीमत का 75% ही लोन ले पाते थे. नए नियमों, जो अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं, के तहत, 2.5 लाख रुपये तक के छोटे लोन के लिए इसे बढ़ाकर 85% किया जा सकता है. अगर आपका सोना 1 लाख रुपये का है, तो पहले आपको 75,000 रुपये मिलते थे, लेकिन अब 85,000 तक मिल सकेंगे.
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मुथूट और मणप्पुरम जैसे बड़े खिलाड़ी मांग कर रहे हैं कि गोल्ड लोन को UPI से जोड़ दिया जाए. अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा ये होगा कि आपके पास एक ‘क्रेडिट लाइन’ होगी. आप बाजार में सामान खरीदते वक्त सीधे अपने ‘गोल्ड लोन अकाउंट’ से UPI पेमेंट कर सकेंगे. यानी आपको बार-बार बैंक जाकर पैसे निकालने की जरूरत नहीं होगी.
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बजट में गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों (NBFCs) को प्रायोरिटी सेक्टर में शामिल करने का संकेत मिल सकता है. इससे इन कंपनियों को बैंकों से सस्ता कर्ज मिलेगा. जब कंपनियों को सस्ता पैसा मिलेगा, तो वे आम जनता को भी कम ब्याज दरों पर गोल्ड लोन दे पाएंगी.
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सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके गोल्ड लोन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने पर जोर दे सकती है. अभी गोल्ड लोन लेने में 30-45 मिनट लगते हैं, बजट के बाद इसे और कम करके 5-10 मिनट करने का लक्ष्य है. ई-केवाईसी और डिजिटल वैल्यूएशन से काम बहुत तेज हो जाएगा.
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आपके लिए क्या बदलेगा?
अगर ये 4 अपडेट लागू होते हैं, तो गोल्ड लोन लेना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने जैसा आसान हो जाएगा. खास तौर पर छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए यह इमरजेंसी फंड जुटाने का सबसे सस्ता और तेज जरिया बनेगा.