Banking Rights: लंच के बाद आने की बात कहकर काम नहीं टाल सकता बैंक, जानिए क्या हैं आपके अधिकार
Edited By Nitin Arora

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Banking Rights: अगर कोई सोचे ना तो बचपन से ही यह देखने को मिलता रहा है कि बैंक में दोपहर को 2 बजे से 3 बजे तक लंच रहता है और ऐसे में कोई काम बैंकों में नहीं होता। लेकिन क्या यह कोई नियम है या मनमानी? कई बार देखने को मिला है कि बैंकों में ग्राहकों के काम को प्राथमिकता नहीं दी जाती और यहां तक गलत तरीके से भी बात की जाती है। RBI लंच को लेकर कुछ बातें साफ कर चुका है, जैसे कि लंच को लेकर कोई निर्धारित टाइम तय नहीं किया गया है। हालांकि, यह साफ है कि अभी भी बैंकों में लंच के टाइम पर लोगों को अंदर जाने के लिए भी मनाही है।
पहली बात तो यह कि बैंक के कर्मचारी एक समय पर लंच के लिए नहीं जा सकते। काम चालू रहे, इस हिसाब से उन्हें स्थिति बनानी होती है। वहीं, लंच के लिए 1 घंटा बैंक बंद रहे, यह तो बिलकुल ही गलत है।
एक बार RTI कार्यकर्ता द्वारा दायर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने जवाब में कहा कि उसके द्वारा कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। RBI से इस पर स्पष्टता मांगी गई थी कि क्या बैंकों के लिए लंच ब्रेक के लिए कोई समय तय किया गया है? 10 मार्च 2007 को RBI के जवाब में कहा गया, ‘आरबीआई, बैंकिंग विनियमन विभाग (डीबीआर) ने बैंकों के लिए दोपहर के भोजन का कोई समय निर्धारित नहीं किया है।’
दोपहर के भोजन के समय बैंक को बंद नहीं किया जा सकता। ग्राहक बैंक के कामकाजी घंटों के दौरान किसी भी समय बैंक में आ सकते हैं। ऐसे में बैंक कर्मचारी अपना लंच ब्रेक बैचों में लेते हैं ताकि काम प्रभावित न हो। वे आमतौर पर दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच दोपहर का भोजन करते हैं।
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