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क्यों इंडिया में सबसे ज्यादा बिक रहीं SUV, खरीदने से पहले जान लें ये 5 नुकसान

सोसाइटी ऑफ इंडियन मोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अनुसार इंडिया में अब हैचबैक से ज्यादा एसयूवी गाड़ियों की डिमांड है। 2024 में बिकने वाली हर 10 में से 6 कारें एसयूवी हैं। जबकि 2016 में ये संख्या महज 2 थी।   

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इन दिनों इंडियन बाजार में एसयूवी गाड़ियां सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं। स्पोर्ट्स लुक, दमदार सुरक्षा और ज्यादा स्पेस के कारण इनकी बाजार में हाई डिमांड है। कार कंपनियां इन्हें सड़क पर परिवार के लिए सुरक्षित आवाजाही का साधन होने का दावा करते हुए पेश करती हैं तो ग्राहक कम बजट में अपनी धाक जमाने के लिए ऊंची बोनट वाली इन गाड़ियों को धड़ल्ले से खरीद रहे हैं।

भारतीय बाजार में 43 लाख एसयूवी गाड़ियों की बिक्री हुई 

आंकड़ों की बात करें तो ग्लोबल डाटा की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में दुनिया भर में बेची गई कुल कारों में से 54% गाड़ियां एसयूवी थीं। सबसे ज्यादा चीन में 11.6 मिलियन एसयूवी बिकीं। इसके बाद अमेरिका, भारत और जर्मनी में सबसे ज्यादा एसयूवी की सेल होना बताया जा रहा है। बता दें 2024 में भारतीय बाजार में कुल 43 लाख एसयूवी गाड़ियों की बिक्री हुई है।

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एसयूवी कार के फायदे और नुकसान

एसयूवी कार के कई फायदे हैं, जैसे कि इनमें हैचबैक के मुकाबले अधिक जगह होती है। इसमें ड्राइवर और रियर सीट पर बैठने वालों को बेहतर व्यू मिलता है। इसके अलावा ऑफ-रोड पर इसमें ज्यादा झटके नहीं लगते हैं। एसयूवी गाड़ियों में कमियों की बात करें तो इसमें ईंधन का खर्च अधिक आता है। इसकी कीमत हैचबैक और सेडान से ज्यादा होती है। खरीद के बाद इसका रखरखाव और मरम्मत लागत भी अधिक है। कार को कम जगह से मोड़ने में दिक्कत होती है, ये सेडान के मुकाबले कम आरामदायक होती हैं।

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2016 में बिकने वाली हर 10 कार में  2 गाड़ियां एसयूवी थीं

सोसाइटी ऑफ इंडियन मोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अनुसार इंडियन बाजार में अब हैचबैक से ज्यादा एसयूवी गाड़ियों की डिमांड है। 2000-2010 के दशक में महिंद्रा बोलेरा और स्कॉर्पियो की डिमांड थी। धीरे-धीरे बाजार में सभी कार निर्माताओं ने इस सेगमेंट में अपनी गाड़ियां पेश की। 2024 में बिकने वाली हर 10 में से 6 कारें एसयूवी हैं। जबकि 2016 में बिकने वाली हर 10 में से केवल 2 गाड़ियां एसयूवी थीं।

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First published on: Mar 21, 2025 06:44 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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