Monsoon Car Safety Tips: बारिश में कार चलाना नॉर्मल दिनों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो जाता है. फिसलन भरी सड़कें, कम विजिबिलिटी और सड़की पर पानी भरने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि अच्छी बात है कि आजकर ज्यादातर कारों में ऐसे कई सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं, जो बारिश में ड्राइव को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं, लेकिन कई ड्राइवर्स इसका सही इस्तेमाल नहीं जानते.
ये हैं 6 ऐसे जरूरी फीचर्स जिनके बारे में जानना है जरूरी
1.ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) का करें सही इस्तेमाल
बारिश में सड़को पर फिसलन हो जाती है. ऐसे में अगर अचानक ब्रेक लगाना पड़े, तो कार के पहिए लॉक हो सकते हैं और गाड़ी पर से कंट्रोल छूट सकता है. ABS इस स्थिति में पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे कार पर कंट्रोल बना रहता है. इसलिए बारिश में अचानक जोर से ब्रे लगाने से बचें, स्टीयरिंग पर कंट्रोल रखें और ABS को अपना काम करने दें.
2.ESC या ESP कार को फिसलने से बचाता है
अगर गीली सड़क पर कार का बैलेंस बिगड़ने लगे या मोड़ पर गाड़ी फिसलने लगे, तो इलेट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC/ESP) सिस्टम तत्काल एक्टिव हो जाता है. ये जरूरत के मुताबिक अलग-अलग पहियों पर ब्रेक लगाकर कार को सही डायरेक्शन में रखने की कोशिश करता है. हाईवे और ज्यादा स्पीड में ये फीचर उपयोगी होता है.
3.रेन-सेंसिंग वाइपर से बनी रहती है बेहतर विजिबिलिटी
आजकल आ रही नई कारों में रेन-सेंसिग वाइपर दिए जाते हैं. जैसे ही विंडशील्ड पर बारिश की बूंदें गिरती हैं. वाइपर अपने आप चालू हो जाते हैं. ये बारिश की स्पीड के हिसाब से अपनी स्पीड को कम या ज्यादा भी कर सकते हैं. इससे ड्राइवर को बार-बार वाइपर कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती.
ये भी पढ़ें- कार में लो फ्यूल लाइट जलते ही कितनी दूर चलेगी गाड़ी? जानिए बाइक के रिजर्व और कार की लो फ्यूल वॉर्निंग का पूरा गणित
4.रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर की मदद लें
बारीश में कार के पीछे वाले शीशे और साइड मिरर पर अक्सर धुंध जम जाती है, जिससे पीछे का कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता है. ऐसे में रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर शीशों पर जमी नमी को जल्दी हटाने का काम करते हैं. इससे विजिबिलिटी बेहतर रहती है.
5.ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम देता है बेहतर ग्रिप
गीली या कीचड़ वाली सड़क पर कई बार कार के पहिए जरूरत से ज्यादा घूमने लगते हैं, जिससे फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में टैक्शन कंट्रोल सिस्टम TCS पहियों की ग्रिप बनाए रखने में मदद करता है और कार की सड़क पर पकड़ बेहतर होती है.
6.रियर और 360-डिग्री कैमरा भी हैं बेहद काम के
तेज बारिश के दौरान पीछे का नजारा साफ देख पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में रियर पार्किंग कैमरा और 360 डिग्री कैमरा पार्किंग करने या संकरी जगह से गाड़ी निकालने में काफी मदद करते हैं. हालांकि, अगर कैमरे के लेंस पर पानी, मिट्टी या कीचड़ जमा हो जाए, तो उसे पहले साफ कर लेना चाहिए, ताकि कैमरा सही तस्वीर दिखा सके.
ये भी पढ़ें- बारिश के मौसम में भी हेलमेट रहेगा बिल्कुल नए जैसा फ्रेश, बस अपनाएं ये 5 आसान हाइजीन हैक्स
Monsoon Car Safety Tips: बारिश में कार चलाना नॉर्मल दिनों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो जाता है. फिसलन भरी सड़कें, कम विजिबिलिटी और सड़की पर पानी भरने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि अच्छी बात है कि आजकर ज्यादातर कारों में ऐसे कई सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं, जो बारिश में ड्राइव को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं, लेकिन कई ड्राइवर्स इसका सही इस्तेमाल नहीं जानते.
ये हैं 6 ऐसे जरूरी फीचर्स जिनके बारे में जानना है जरूरी
1.ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) का करें सही इस्तेमाल
बारिश में सड़को पर फिसलन हो जाती है. ऐसे में अगर अचानक ब्रेक लगाना पड़े, तो कार के पहिए लॉक हो सकते हैं और गाड़ी पर से कंट्रोल छूट सकता है. ABS इस स्थिति में पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे कार पर कंट्रोल बना रहता है. इसलिए बारिश में अचानक जोर से ब्रे लगाने से बचें, स्टीयरिंग पर कंट्रोल रखें और ABS को अपना काम करने दें.
2.ESC या ESP कार को फिसलने से बचाता है
अगर गीली सड़क पर कार का बैलेंस बिगड़ने लगे या मोड़ पर गाड़ी फिसलने लगे, तो इलेट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC/ESP) सिस्टम तत्काल एक्टिव हो जाता है. ये जरूरत के मुताबिक अलग-अलग पहियों पर ब्रेक लगाकर कार को सही डायरेक्शन में रखने की कोशिश करता है. हाईवे और ज्यादा स्पीड में ये फीचर उपयोगी होता है.
3.रेन-सेंसिंग वाइपर से बनी रहती है बेहतर विजिबिलिटी
आजकल आ रही नई कारों में रेन-सेंसिग वाइपर दिए जाते हैं. जैसे ही विंडशील्ड पर बारिश की बूंदें गिरती हैं. वाइपर अपने आप चालू हो जाते हैं. ये बारिश की स्पीड के हिसाब से अपनी स्पीड को कम या ज्यादा भी कर सकते हैं. इससे ड्राइवर को बार-बार वाइपर कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती.
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4.रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर की मदद लें
बारीश में कार के पीछे वाले शीशे और साइड मिरर पर अक्सर धुंध जम जाती है, जिससे पीछे का कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता है. ऐसे में रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर शीशों पर जमी नमी को जल्दी हटाने का काम करते हैं. इससे विजिबिलिटी बेहतर रहती है.
5.ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम देता है बेहतर ग्रिप
गीली या कीचड़ वाली सड़क पर कई बार कार के पहिए जरूरत से ज्यादा घूमने लगते हैं, जिससे फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में टैक्शन कंट्रोल सिस्टम TCS पहियों की ग्रिप बनाए रखने में मदद करता है और कार की सड़क पर पकड़ बेहतर होती है.
6.रियर और 360-डिग्री कैमरा भी हैं बेहद काम के
तेज बारिश के दौरान पीछे का नजारा साफ देख पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में रियर पार्किंग कैमरा और 360 डिग्री कैमरा पार्किंग करने या संकरी जगह से गाड़ी निकालने में काफी मदद करते हैं. हालांकि, अगर कैमरे के लेंस पर पानी, मिट्टी या कीचड़ जमा हो जाए, तो उसे पहले साफ कर लेना चाहिए, ताकि कैमरा सही तस्वीर दिखा सके.
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