Monsoon Car Safety Tips: तेज बारिश में ABS से लेकर 360 कैमरा तक सबसे ज्यादा काम आते हैं कार ये फीचर्स

बारिश में कार चुनौतीपूर्ण ही नहीं, खतरनाक भी हो सकता है. ऐसे में कार में मौजूद कई सेफ्टी फीचर्स बड़े हादसे टाल सकते हैं. यहां जानिए कार के कौनसे जरूरी फीचर्स है जो हर ड्राइवर्स को पता होना चाहिए.

car drive in rain

बारिश में सबसे ज्यादा काम आते हैं कार ये फीचर्स. (Photo-Pexels)

Monsoon Car Safety Tips: बारिश में कार चलाना नॉर्मल दिनों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो जाता है. फिसलन भरी सड़कें, कम विजिबिलिटी और सड़की पर पानी भरने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि अच्छी बात है कि आजकर ज्यादातर कारों में ऐसे कई सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं, जो बारिश में ड्राइव को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं, लेकिन कई ड्राइवर्स इसका सही इस्तेमाल नहीं जानते.

विज्ञापन

ये हैं 6 ऐसे जरूरी फीचर्स जिनके बारे में जानना है जरूरी

1.ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) का करें सही इस्तेमाल

बारिश में सड़को पर फिसलन हो जाती है. ऐसे में अगर अचानक ब्रेक लगाना पड़े, तो कार के पहिए लॉक हो सकते हैं और गाड़ी पर से कंट्रोल छूट सकता है. ABS इस स्थिति में पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे कार पर कंट्रोल बना रहता है. इसलिए बारिश में अचानक जोर से ब्रे लगाने से बचें, स्टीयरिंग पर कंट्रोल रखें और ABS को अपना काम करने दें.

विज्ञापन

2.ESC या ESP कार को फिसलने से बचाता है

अगर गीली सड़क पर कार का बैलेंस बिगड़ने लगे या मोड़ पर गाड़ी फिसलने लगे, तो इलेट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल  (ESC/ESP) सिस्टम तत्काल एक्टिव हो जाता है. ये जरूरत के मुताबिक अलग-अलग पहियों पर ब्रेक लगाकर कार को सही डायरेक्शन में रखने की कोशिश करता है. हाईवे और ज्यादा स्पीड में ये फीचर उपयोगी होता है.

3.रेन-सेंसिंग वाइपर से बनी रहती है बेहतर विजिबिलिटी

आजकल आ रही नई कारों में रेन-सेंसिग वाइपर दिए जाते हैं. जैसे ही विंडशील्ड पर बारिश की बूंदें गिरती हैं. वाइपर अपने आप चालू हो जाते हैं. ये बारिश की स्पीड के हिसाब से अपनी स्पीड को कम या ज्यादा भी कर सकते हैं. इससे ड्राइवर को बार-बार वाइपर कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती.

विज्ञापन

4.रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर की मदद लें

बारीश में कार के पीछे वाले शीशे और साइड मिरर पर अक्सर धुंध जम जाती है, जिससे पीछे का कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता है. ऐसे में रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर शीशों पर जमी नमी को जल्दी हटाने का काम करते हैं. इससे विजिबिलिटी बेहतर रहती है.

विज्ञापन

5.ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम देता है बेहतर ग्रिप

गीली या कीचड़ वाली सड़क पर कई बार कार के पहिए जरूरत से ज्यादा घूमने लगते हैं, जिससे फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में टैक्शन कंट्रोल सिस्टम TCS पहियों की ग्रिप बनाए रखने में मदद करता है और कार की सड़क पर पकड़ बेहतर होती है.

6.रियर और 360-डिग्री कैमरा भी हैं बेहद काम के

तेज बारिश के दौरान पीछे का नजारा साफ देख पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में रियर पार्किंग कैमरा और 360 डिग्री कैमरा पार्किंग करने या संकरी जगह से गाड़ी निकालने में काफी मदद करते हैं. हालांकि, अगर कैमरे के लेंस पर पानी, मिट्टी या कीचड़ जमा हो जाए, तो उसे पहले साफ कर लेना चाहिए, ताकि कैमरा सही तस्वीर दिखा सके.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ