बारिश के मौसम में भी हेलमेट रहेगा बिल्कुल नए जैसा फ्रेश, बस अपनाएं ये 5 आसान हाइजीन हैक्स

अगर आप चाहते हैं कि आपका हेलमेट पूरे मानसून में बिल्कुल नया जैसा साफ, फ्रेश और हाइजीनिक बना रहे, तो बस इन 5 आसान हाइजीन हैक्स की अपनी रूटीन में शामिल कर लें.

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बारिश के मौसम में बाइक चलाना जितना मजेदार होता है उनता ही मुश्किल हेलमेट को साफ और फ्रेश रखना भी हो जाता है. लगातार नमी, पसीना और उमस की वजह से हेलमेट में बदबू, बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं, जिससे न सिर्फ पहनने में अजीब लगता है बल्कि स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है.

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रिमूवेबल पैडिंग (Removable Padding) का फायदा उठाएं

रिमूवेबल पैडिंग (Removable Padding) का फायदा उठाएं2 / 6

मॉर्डन हेलमेट्स में अंदर की पैडिंग को आसानी से निकाला जा सकता है. हफ्ते में एक बार इस लाइनर को निकालकर माइल्ड शैम्पू या एंटी-सेप्टिक लिक्विड से धोएं. इससे बारिश के मौसम में भी हेलमेट के अंदर फ्रेशनेस बनी रहती है और किसी भी तरह के बैक्टीरिया या डैंड्रफ की समस्या नहीं होती.

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कॉटन बंदाना (Bandana) या रुमाल का इस्तेमाल

कॉटन बंदाना (Bandana) या रुमाल का इस्तेमाल3 / 6

लंबे सफर के दौरान स्कैल्प को एक्स्ट्रा कंफर्ट देने के लिए हेलमेट पहनने से पहले सिर पर सूती (Cotton) रुमाल या राइडिंग बंदाना बांधें. यह न सिर्फ राइडिंग के दौरान बालों को सेट रखता है, बल्कि पसीने और एक्स्ट्रा नमी को आसानी से सोख लेता है, जिससे हेलमेट का इंटीरियर लंबे समय तक साफ और बदबू-रहित रहता है. ये भी पढ़ें- कार में लो फ्यूल लाइट जलते ही कितनी दूर चलेगी गाड़ी? जानिए बाइक के रिजर्व और कार की लो फ्यूल वॉर्निंग का पूरा गणित

उमस और फॉग से बचने के लिए सही वेंटिलेशन और तकनीक चुनें

उमस और फॉग से बचने के लिए सही वेंटिलेशन और तकनीक चुनें4 / 6

बारिश में उमस (Humidity) के कारण हेलमेट के अंदर सांस लेना भारी हो जाता है और वाइजर पर भाप जमने लगती है. हेलमेट बनाने वाली कंपनी Studds के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे बचने के लिए एयर वेंट्स को हमेशा खुला रखें. साथ ही ऐसे हेलमेट का चुनाव करें जो Anti Fog तकनीक के साथ आते हैं. यह तकनीक अंदर की नमी को नियंत्रित रखती है जिससे चेहरा फ्रेश रहता है और विजन एकदम साफ रहता है.

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ऑफिस या घर पहुंचकर ऐसे सुखाएं

ऑफिस या घर पहुंचकर ऐसे सुखाएं5 / 6

राइड खत्म होने के बाद हेलमेट को कभी भी बंद डिब्बे या बाइक की डिक्की में लॉक न करें. इसे कुछ देर के लिए पंखे की हवा में या हवादार जगह पर वाइजर (शीशा) खोलकर उल्टा रख दें. प्राकृतिक रूप से हवा लगने से हेलमेट के अंदर की नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है और इंटीरियर में फंगस लगने का डर नहीं रहता. ये भी पढ़ें- EV, Hybrid, CNG या Petrol…अगले 5-10 साल के लिए कौन-सी कार खरीदना रहेगा सबसे फायदे का सौदा?

हेलमेट फ्रेशनर और स्प्रे का स्मार्ट यूज

हेलमेट फ्रेशनर और स्प्रे का स्मार्ट यूज6 / 6

रोजाना की भागदौड़ में हेलमेट को इंस्टेंट रीफ्रेश करने के लिए एंटी-बैक्टीरियल हेलमेट स्प्रे का इस्तेमाल करें. राइड के बाद पैडिंग पर हल्का स्प्रे करने से सीलन की महक दूर होती है और एक सुखद खुशबू बनी रहती है, जिससे आपकी हर राइड हाइजीनिक और आनंददायक रहती है. (Images Credit-AI)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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