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बारिश के मौसम में बाइक चलाना जितना मजेदार होता है उनता ही मुश्किल हेलमेट को साफ और फ्रेश रखना भी हो जाता है. लगातार नमी, पसीना और उमस की वजह से हेलमेट में बदबू, बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं, जिससे न सिर्फ पहनने में अजीब लगता है बल्कि स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है.
रिमूवेबल पैडिंग (Removable Padding) का फायदा उठाएं

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मॉर्डन हेलमेट्स में अंदर की पैडिंग को आसानी से निकाला जा सकता है. हफ्ते में एक बार इस लाइनर को निकालकर माइल्ड शैम्पू या एंटी-सेप्टिक लिक्विड से धोएं. इससे बारिश के मौसम में भी हेलमेट के अंदर फ्रेशनेस बनी रहती है और किसी भी तरह के बैक्टीरिया या डैंड्रफ की समस्या नहीं होती.
उमस और फॉग से बचने के लिए सही वेंटिलेशन और तकनीक चुनें

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बारिश में उमस (Humidity) के कारण हेलमेट के अंदर सांस लेना भारी हो जाता है और वाइजर पर भाप जमने लगती है. हेलमेट बनाने वाली कंपनी Studds के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे बचने के लिए एयर वेंट्स को हमेशा खुला रखें. साथ ही ऐसे हेलमेट का चुनाव करें जो Anti Fog तकनीक के साथ आते हैं. यह तकनीक अंदर की नमी को नियंत्रित रखती है जिससे चेहरा फ्रेश रहता है और विजन एकदम साफ रहता है.
हेलमेट फ्रेशनर और स्प्रे का स्मार्ट यूज

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रोजाना की भागदौड़ में हेलमेट को इंस्टेंट रीफ्रेश करने के लिए एंटी-बैक्टीरियल हेलमेट स्प्रे का इस्तेमाल करें. राइड के बाद पैडिंग पर हल्का स्प्रे करने से सीलन की महक दूर होती है और एक सुखद खुशबू बनी रहती है, जिससे आपकी हर राइड हाइजीनिक और आनंददायक रहती है. (Images Credit-AI)