FASTag Port: फास्टैग बैंक बदलना हुआ आसान! बिना स्टिकर हटाए ऐसे करें पोर्ट, जानिए पूरा प्रोसेस

FASTag बैंक बदलने के लिए अब न तो पुराना स्टिकर हटाना पड़ेगा और न ही नया टैग खरीदना होगा. OneTag सुविधा के जरिए मौजूदा FASTag को ही दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकता है. जानिए FASTag पोर्ट करने का आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका.

FASTag OneTag

सरकार की OneTag सुविधा के जरिए मौजूदा FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकता है. (Image Credit- AI)

FASTag आज हर उस वाहन मालिक क लिए जरूरी हो गया है जो हाईवे पर सफर करता है. टोल प्लाजा पर बिना रुके पेमेंट करने की सुविधा ने सफर को काफी आसान बनाया है. लेकिन कई बा बैंक की सर्विस या सर्वर में दिक्कत आने पर फास्टैग को बदलने की जरूरत पड़ जाती है. पहले बैंक बदलने के लिए विंडशील्ड पर लगे फास्टैग स्टिकर हटाकर नया टैग लगाना पड़ता था. अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है. OneTag सुविधा के जरुए आप बिना  FASTag स्टिकर हटाए ही बैंक या ऑपरेटर बदल सकते हैं. जानते हैं इसका तरीका. 

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OneTag की शुरुआत

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सितंबर 2026 में मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में OneTag सुविधा की शुरुआत की. इसका मकसद FASTag यूजर्स को बैंक बदलने के लिए बार-बार नया टैग खरीदने और पुराने टैग को हटाने की परेशानी से बचाना है.

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क्या है OneTag, कैसे करता है काम?

OneTag एक FASTag पोर्टेबिलिटी सिस्टम है, जो मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी यानी MNP की तरह काम करता है. इसमें FASTag का स्टिकर, टैग आईडी और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहता है. सिर्फ FASTag जारी करने वाला बैंक बदल जाता है.

ऐसे करें FASTag बैंक पोर्ट

  • Rajmargyatra ऐप डाउनलोड करें और FASTag से जुड़े मोबाइल नंबर से लॉगिन करें.
  • ऐप में दिए गए OneTag ऑप्श पर जाएं.
  • यहां अपना FASTag पोर्ट करने की eligibility चेक करें.
  • पात्र होने पर पोर्ट करने के लिए अपनी सहमति दें.
  • अब जिस नए बैंक में FASTag पोर्ट करना चाहते हैं, उसे चुनें.
  • इसके बाद जरूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें.
  • वेरिफिकेशन के बाद नया बैंक आपके FASTag की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करेगा.
  • पोर्ट होने के बाद भी FASTag स्टिकर, टैग ID और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहेगा.
  • पुराने बैंक के पास पुराना वॉलेट, रिफंड और पेंडिंग ट्रांजेक्शन की जिम्मेदारी रहेगी.
  • इसके बाद FASTag की आगे की सर्विस नया बैंक संभालेगा.

FASTag पोर्ट कराने के लिए ये शर्तें जरूरी

  • OneTag के जरिए FASTag पोर्ट कराने के लिए कुछ शर्तें पूरी करना जरूरी है. सबसे पहले FASTag एक्टिव होना चाहिए. उसका बैलेंस नेगेटिव नहीं होना चाहिए और टैग ब्लॉक या ब्लैकलिस्टेड भी नहीं होना चाहिए. अगर FASTag की चिप डैमेज है, तो उसे पोर्ट नहीं किया जा सकेगा.
  • FASTag पोर्ट कराने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसके लिए नया टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ती. पोर्ट के बाद भी FASTag की टैग आईडी और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहेगा. यानी विंडशील्ड पर लगा मौजूदा FASTag ही आगे इस्तेमाल होता रहेगा.

यूजर्स को क्या होगा फायदा?

OneTag से वाहन मालिकों को बैंक बदलने में आसानी होगी और नया FASTag खरीदने या पुराना स्टिकर हटाने की परेशानी से बचा जा सकेगा. इससे FASTag सर्विस देने वाले बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स को बेहतर सर्विस और कैशबैक जैसे विकल्प मिल सकते हैं. टोल प्लाजा पर FASTag इस्तेमाल करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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