इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में आग लगने पर बीमा मिलेगा या नहीं? जानिए कब मिलेगा क्लेम और किन गलतियों से हो सकता है रिजेक्ट

अगर आपके इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में अचानक आग लग जाए, तो इंश्योरेंस कंपनी पूरा पैसा देगी? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब और ये भी कि किस तरह के इंश्योरेंस में क्लेम मिलेगा, किन गलतियों से ये रिजेक्ट हो सकता है?

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नोएडा की एक बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में आग लगने से 2 लोगों की जान चली गई. ऐसे में हर EV वाहन मालिक की चिंता बढ़ गई है. सवाल भी उठ रहे हैं कि अगर किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में आग लग जाए, तो क्या इंश्योरेंस कंपनी नुकसान की भरपाई करती है? तो इसका जवाब है- हां, लेकिन इसे लिए आपकी बीम पॉलिसी सही और एक्टव होना बेहद जरूरी है.

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EV में आग लगने पर मिलता है बीमा कवर

बीमा एक्सपर्ट दीक्षा आचार्य के मुताबिक, फिलहाल सरकार या बीमा कंपनियों की तरफ से EV के लिए कोई स्पेशल या अलग पॉलिसी नहीं बन गई है. अभी EVs को भी सामान्य गाड़ियों की तरह ही कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है. अगर चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है या चलते समय वाहन में आग लग जाती है, तो ऐसे मामलों को इसी पॉलिसी में कवर किया जाता है.

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किस इंश्योरेंस में मिलेगा फायदा?

अगर आपके इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगती है, तो मुआवजा आपकी बीमा पॉलिस के टाइपर पर निर्भर करेंगा. जैसे

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस- अगर आपके पास थर्ड पार्टी बीमा है, तो वाहन में आग लगने पर कोई मुआवजा नहीं मिलेगा. ये पॉलिस केवल दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ती को हुए नुकसान की भरपाई करती है.

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कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस- इस पॉलिसी में वाहन में आग, दुर्घटना, चोरी या प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का कवर मिलता है. इसलिए इलेक्ट्रिक गाड़ी के मालिकों के लिए ये पॉलिसी ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.

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IDV से तय होता है क्लेम अमाउंट

आग लगने पर मिलने वाले मुआवजे की रकम आपकी गाड़ी की IDV (Insured Declared Value) पर निर्भर करती है. ये वो कीमत होती है, जो बीमा करवाते समय तय की जाती है. सामान्य पॉलिसी में गाड़ियों की उम्र के हिसाब से डिप्रेसिएशन काटकर भूगतान किया जाता है. वहीं अगर आपने जीरो डेप्रिसिएशन या रिटर्न टू इन वॉइस जैसे एड ऑन कवर लिए हैं, तो आपको वाहन की लगभग पूरी कीमत तक का लाभ मिल सकता है.

इन वजहों से रिजेक्ट हो सकता है क्लेम

  • अगर आपने वाहन में कोई ऐसा मॉडिफिकेशन कराया है जिसकी जानकारी बीमां कंपनी को नहीं दी गई थी और उसकी वजह से शॉर्ट सर्किट आग लगी हो, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
  • अगर जांच में ये साबित हो जाए कि गाड़ी के मालिक की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ है, जैसे गाड़ी को गलत तरीके से छोड़ने या जानबूझकर जोखिम लेना, तब भी परेशानी हो सकती है.
  • इसके अलावा अगर टाइम पर प्रीमियम जमा नहीं किया गया और पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तो बीमा कंपनी किसी भी तरह का भुगता नही करेगी.

आग लगने के बाद क्या करें?

  • अगर आपकी EV में आग लग जाए, सबसे पहले अपनी और आसपास के लोगों की सेफ्टी सुनिश्चित करें.
  • सुरक्षित दूरी पर जाकर घटना की फोटो और वीडियो जरूर लें, क्योंकि ये क्लेम के दौरान अहम सबूत बना सकते हैं.
  • इसके बाद तत्काल पुलिस को तत्काल सूचना दें. आग लगने के मामलों में पुलिस रिपोर्ट या एफआईआर जरूरी दस्तावेत होती है.
  • बिना किसी देरी के अपनी इंश्योरेंस कंपनी की इस बात की सूचना दें और फ्लेम दर्ज कराएं.
  • इसके बदा कंपनी सर्वेयर भेजेगी, जो वहान की जांच करेगा और आलग लगने की वजह का पता लगाएगा.
  • जांच पूरी होने के बाद आपको पॉलीसी की कॉपी, पुलिस रिपोर्ट, गाड़ी की फोटो आर बाकी जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. 
  • दस्तावेज वैरिफाई करने के बाद कंपनी क्लेम प्रोसेस आगे बढ़ाएगी.

एक्सपर्ट की जरूरी सलाह

एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में मौसम में EVs की समय-समय पर सर्विसिंग करानी चाहिए और वायरिंग की नियनिमत जांच भी जरूरी है. साथ ही अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें, ताकि जरूरत पड़ने पर क्लेम लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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