Shani Varki ke Upay: कर्मफल स्वामी शनि 28 नवंबर का तक चलेंगे उल्टी चाल, शनिदेव के वक्री असर से बचने के लिए करें ये 7 उपाय

Shani Varki ke Upay: द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि 13 जुलाई से वक्री हैं और वे 28 नवंबर 2025 तक उल्टी चाल में रहेंगे. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य के अनुसार, यह समय आत्मनिरीक्षण और कर्मों के फल को समझने का अवसर है. आइए जानते हैं, शनि की टेढ़ी नजर से बचने के लिए कौन से उपाय प्रभावकारी हैं?

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Shani Varki ke Upay: द्रिक पंचांग के अनुसार, कर्मफल के स्वामी न्यायाधीश शनि जुलाई 2025 वक्री होकर उल्टी चाल चल रहे हैं. वे 13 जुलाई, 2025 को वक्री हुए थे और 28 नवंबर, 2025 तक इसी अवस्था में रहेंगे. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य बताते हैं कि जब शनि ग्रह वक्री होते हैं, तो उनकी ऊर्जा जातकों के आत्मनिरीक्षण, कर्मों के फल और बाधाओं को पार करने की क्षमता को बढ़ाती है. यह समय स्लो यानी धीमा जरूर होता है, लेकिन सही दिशा में कार्य करने वालों के लिए यह बेहतरीन परिणाम देने वाला भी साबित होता है. आइए जानते हैं, शनिदेव की टेढ़ी नजर से बचने के लिए किन उपायों से लाभ होता है?

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शनि मूर्ति दर्शन: कभी भी शनि देव की ऐसी मूर्ति के दर्शन न करें जिसमें उनकी आंखें बंद हों. इससे शनि का आशीर्वाद प्राप्त करना कठिन हो सकता है.

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शनिवार के उपाय: हर शनिवार लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के सामने खड़े होकर उनकी पूजा करें. संभव हो तो शनिवार को थोड़ी देर काले तिल या सरसों के तेल का दान भी करें. यह शनि दोष कम करने में मदद करता है.

दीपक और मंत्र जाप: रोज शाम पश्चिम दिशा की ओर दीपक जलाकर शनि देव के मंत्र का जाप करें. शनि देव का मूल मंत्र है: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’.

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सच्चाई और ईमानदारी: जीवन में ईमानदार बनें, सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें. ये गुण शनि देव को प्रसन्न करते हैं.

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वृक्ष पूजा: शमी, तुलसी और पीपल के पौधों में जल डालें. शनिवार सायंकाल सरसों के तेल का दीपक चौराहे या पीपल के नीचे जलाएं. कभी भी हरे पेड़ न काटें और गर्भपात न करवाएं.

सुबह में शिव-साधना: सूर्योदय से पहले जागें और शिव जी की उपासना करें. यह दिन की सकारात्मक ऊर्जा और शनि की कृपा लाने में सहायक होता है.

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नीलम धारण करें: वक्री शनि के असर को कम करने और ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए नीलम रत्न धारण करना बहुत प्रभावकारी माना गया है. इसे शनिवार को शुभ मुहूर्त में पहनना विशेष रूप से लाभकारी है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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