Mati Bhram Yog: द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 सितंबर की शाम में चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में जाएंगे, जहां उनकी युति वहां पहले से बैठे बुध ग्रह से होगी। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार, चंद्रमा बुध को शत्रु नहीं मानते हैं, लेकिन बुध चंद्रमा को अपना परम शत्रु मानते हैं, जबकि चंद्रमा बुध के पिता हैं। इस प्रकार इस एकतरफा शत्रुता से भी राशियों पर नेगेटिव असर होता है, क्योंकि इसे ‘मतिभ्रम योग’ भी कहा गया है। ये दोनों ही ग्रह मन और बुद्धि से सीधे तौर पर जुड़े हैं। ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य से बताते हैं कि कन्या राशि में बुध-चंद्र युति का असर यूं तो सभी राशियों की मानसिक स्थिति पर होगा, लेकिन 3 राशियों के जातकों के लिए स्थिति थोड़ी विकट हो सकती हैं। आइए जानते हैं, ये राशियां कौन-सी हैं, जिनके धन और रिश्तों पर नेगेटिव असर हो सकता है?
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के लिए बुध-चंद्र की यह युति उससे छठे भाव में बन रही है, जो बीमारी, कर्ज और शत्रु का भाव है। इस राशि के जातकों के लिए मन और बुद्धि का यह टकराव मानसिक परेशनियां बढ़ा सकता है। वर्क प्लेस पर कलीग से कोई क्लेश हो सकता है। आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है। कोई आकस्मिक खर्च कर्ज लेने का कारण बन सकता है।
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के लिए यह गोचर और युति दूसरे भाव में हो रही है, जो धन, वाणी और कुटुंब का स्थान है। हालांकि यहां बुध मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन चंद्रमा के आने से मति भ्रम हो सकता है, जो विचार और वाणी पर सबसे अधिक असर डाल सकता है। कारोबारी डील में संयम खोने से नुकसान हो सकता है। आज को बड़ा निवेश न करें। आने वाला धन की आवक की रुक सकती है।
कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के लिए यह युति आठवें भाव में बन रही है, जो संकट, अनिश्चितता और गुप्त बातों का भाव है। कभी-कभी यह योग मतिभ्रम पैदा कर सकता है। सही-गलत का फैसला करने में चूक हो सकती है। मन में घबराहट भी पैदा हो सकती है। बिजनेस को कान्ट्रैक्ट या डील करने का यह सही समय नहीं है। पार्टनरशिप में धोखा मिल सकता है। जॉब कर रहे लोगों का मन काम से उचट सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.