---विज्ञापन---

ज्योतिष angle-right

Shani Vakri 2026 Rashifal: साल 2026 में 138 दिन वक्री रहेंगे शनिदेव, इन 5 राशियों को रहना होगा बेहद संभलकर

Shani Vakri 2026 Rashifal: साल 2026 में शनि पूरे 138 दिन वक्री रहेंगे, जिससे कर्म, अनुशासन और परीक्षाओं की ऊर्जा और तीव्र होगी. द्रिक पंचांग के अनुसार 13 जुलाई से 28 नवंबर तक का यह चरण कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना गया है. जानिए किन 5 राशियों पर इसका सबसे गहरा असर पड़ने वाला है?

---विज्ञापन---

Shani Vakri 2026 Rashifal: सभी ग्रहों की तरह शनिदेव भी वक्री होते रहते हैं. लेकिन अन्य ग्रहों की तुलना में इनकी वक्री अवधि थोड़ी लंबी होती है. साल 2025 में मार्च से नवंबर तक तक 138 दिनों तक वक्री होकर उल्टी चाल चले थे. यह एक संयोग ही है कि शनिदेव साल 2026 में भी कुल 138 दिन वक्री रहेंगे. आपको बता दें कि शनि एक साल में अधिकतम 140 दिनों के लिए ही वक्री हो सकते हैं.

द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 13 जुलाई को वक्री होंगे और फिर 28 नवंबर को मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे. ज्योतिष में शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन, विलंब और जीवन की परीक्षाओं का कारक ग्रह माना गया है. साथ ही, ये एक क्रूर ग्रह माने गए हैं. दूसरी ओर, वक्री शनि को कर्मों का कठोर लेखा–जोखा माना जाता है. इसलिए शनि के वक्री होते ही लोग डर जाते हैं. आइए जानते थे, 2026 में वक्री शनि से सबसे अधिक परेशानी किन 5 राशियों को होने वाली है.

---विज्ञापन---

मेष राशि

2026 में शनि का वक्री होना मेष राशि वालों के लिए जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ा सकता है. काम में देरी और बार-बार रुकावटें मन में बेचैनी ला सकती हैं. किसी अधूरे काम का हिसाब फिर से खुल सकता है और आपको पुराने फैसलों पर दोबारा विचार करना पड़ेगा. परिवार में अनुशासन और धैर्य की जरूरत रहेगी, क्योंकि छोटी बातों पर तनाव बढ़ सकता है. करियर में प्रयास अधिक करने होंगे, तभी धीरे-धीरे स्थिति सुधरेगी.

ये भी पढ़ें: Success Tips: हनुमान जी के 4 गुण जो आपको भी बना सकते हैं सुपर सक्सेसफुल

---विज्ञापन---

सिंह राशि

सिंह राशि पर वक्री शनि आत्ममंथन का दबाव लाएगा. आप अपनी ही गलतियों या निर्णयों को लेकर खुद पर कठोर हो सकते हैं. रिश्तों में दूरी या गलतफहमियाँ बन सकती हैं, इसलिए बोले से पहले सोचना जरूरी होगा. आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का समय है, क्योंकि अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं. यह अवधि आपको धैर्य, संयम और जिम्मेदारियों का असली अर्थ सिखाएगी.

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए वक्री शनि मानसिक थकान और काम के बोझ को बढ़ा सकता है. कुछ पुराने लक्ष्य फिर से सामने आएँगे और उन्हें पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी. यात्रा या शिक्षा से जुड़े काम देरी से पूरे हो सकते हैं. रिश्तों में व्यावहारिक रहने की जरूरत रहेगी, क्योंकि भावनाओं के आधार पर कोई निर्णय परेशानी ला सकता है. स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा, खासकर तनाव से जुड़े मामलों में.

---विज्ञापन---

कुंभ राशि

कुंभ राशि पर शनि स्वयं के स्वामी होने के कारण वक्री स्थिति अत्यधिक प्रभावी रहेगी. यह समय आपको अपने जीवन की दिशा पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर करेगा. कार्यक्षेत्र में अनुशासन की परीक्षा होगी और किसी प्रोजेक्ट का दबाव बढ़ सकता है. दोस्तों या सहयोगियों से मतभेद होने के संकेत हैं, इसलिए व्यवहार में नरमी आवश्यक है. आर्थिक मामलों में जोखिम न लें और योजनाओं को स्थिरता से आगे बढ़ाएँ.

मीन राशि

मीन राशि के लिए वक्री शनि मानसिक उलझनें और अनिश्चितता बढ़ा सकता है. काम में अपेक्षित परिणाम न मिलने से धैर्य की परीक्षा होगी. घर-परिवार की जिम्मेदारियाँ अचानक बढ़ सकती हैं और समय प्रबंधन चुनौती बनेगा. किसी पुराने मामले को निपटाने का अवसर मिलेगा, लेकिन प्रयास अधिक करने होंगे. रिश्तों में ईमानदारी और स्पष्टता जरूरी रहेगी, वरना गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Tulsi Puja Niyam: इन 3 मौकों पर तुलसी को जल चढ़ाना है सख्त मना, वरना रुक सकती है घर की तरक्की

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---

First published on: Dec 04, 2025 06:18 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola