Shani Rahu Gochar: अमेरिका-ईरान युद्ध, तेल संकट और दुनिया की बड़ी घटनाओं से जुड़ा है शनि-राहु गोचर, जानें ज्योतिषाचार्य के विचार

Shani Rahu Gochar: ज्योतिष शास्त्र की प्राचीन शाखा मेदिनी ज्योतिष में वैश्विक घटनाओं का ग्रहों से संबंध माना गया है. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार शनि, राहु और मंगल का गोचर दुनिया में उथल-पुथल बढ़ा रहा है और अमेरिका-ईरान युद्ध, तनाव और तेल संकट भी इससे जुड़ा है.

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Shani Rahu Gochar: ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र की एक प्राचीन और प्रमुख शाखा है मेदिनी ज्योतिष, जिसमें राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, मौसम आदि पहलुओं का अध्ययन कर भविष्यवाणी की जाती है. मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, विश्व में चल रहे दुनिया की बड़ी उथल-पुथल, जैसे- अमेरिका-ईरान युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट का संकट और वैश्विक तेल संकट सीधा संबंध ग्रह शनि, राहु और मंगल के गोचर से है.

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तेल, कच्चे तेल यानी क्रूड पेट्रोलियम और जमीन के नीचे से निकलने वाले पदार्थों के कारक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह हैं. वहीं अचानक होने वाले युद्ध, धोखे, छलावा और कूटनीतिक भ्रम के कारक राहु ग्रह हैं.

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राहु-शनि की खगोलीय स्थिति

वर्तमान में राहु कुंभ राशि में हैं, जो वायु तत्व की राशि है. वहीं शनि ग्रह मीन राशि में हैं, जो जल तत्व की राशि है. यही कारण है कि पूरा युद्ध संकट जमीनी मोर्चे से ज्यादा हवाई है और समुद्री रास्तों, जैसे कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), पर केंद्रित हो गया है. मिसाइल से हवाई हमले अचानक होने का कारण राहु का कुंभ में होना है.

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मंगल की उग्र स्थिति

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि जब युद्ध शुरू हुआ तब मीन राशि में मंगल की युति शनि के साथ थी. यह कई बार देखा गया है कि जब भी शनि और राहु के साथ मंगल का क्रूर संबंध बनता है, अंगारक योग और रौद्र संवत जैसी स्थितियां पैदा होती हैं, जो युद्ध, सैन्य कारवाई और विनाशकारी घटनाएं करवा देती हैं.

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मई-जून 2026 और आगे की स्थिति

मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, आने वाले कुछ सप्ताह बहुत संवेदनशील रहने वाले हैं. 18 मई से 28 मई 2026 तक अत्यधिक उतार-चढ़ाव का दौर रहेगा. इस समय सैन्य बयानबाजी, ड्रोन हमले और तेल बाजार में भारी अस्थिरता बनी रहेगी. वहीं, 29 मई से 3 जून 2026 तक अत्यधिक भ्रम रहेगा.

ज्योतिषाचार्य के अनुसार इसके बाद 4 जून से 10 जून 2026 तक हों का क्रूर प्रभाव थोड़ा धीमा पड़ेगा और युद्धविराम या समझौते के लिए दवाब बेनेगा. मेदिनी ज्योतिषीय गणना बताती है कि यह संकट आसानी से पूरी तरह शांत नहीं होगा और इसके और भी डीप नेगेटिव असर 2027 में दिखेंगे, जब शनि ग्रह मंगल की राशि मेष में गोचर कर नीच के हो जाएंगे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन के निजी विचार हैं। ये केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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