Shakun Shastra: कई बार हमारे शरीर के अलग-अलग अंग बिना किसी वजह के फड़कने लगते हैं। विज्ञान के अनुसार यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो शरीर किसी खास क्रिया की प्रतिक्रिया रूप में करता है। परन्तु ज्योतिष के अनुसार अंगों का फड़कना भी भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देता है।

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आचार्य अनुपम जौली के अनुसार सबसे पहले तो एक नियम ध्यान रखना चाहिए। इस नियम के अनुसार महिलाओं का बायां अंग और पुरुषों का दायां अंग फड़कना शुभ माना जाता है। परन्तु यदि महिलाओं का दायां और पुरुषों का बायां अंग फड़के तो यह किसी अनहोनी का संकेत होता है। यहां हम जानेंगे कि आंख फड़कने का क्या अर्थ होता है।

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क्या होता है आंख फड़कने का अर्थ (Shakun Shastra)

शकुन शास्त्र के अनुसार यदि पुरुषों की दाईं आंख और महिलाओं की बाई आंख फड़के तो यह शुभ माना गया है। पुरुषों की दाईं आंख का फड़कना उनके लिए कोई शुभ समाचार लेकर आता है। यदि घर से निकलते समय ऐसा हो तो निश्चित तौर पर वे जिस भी कार्य के लिए जा रहे हैं, उसमें अवश्य ही सफलता मिलती है। इसी प्रकार महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना महिला को किसी अच्छी खबर मिलने या धनलाभ होने की भविष्यवाणी करता है।

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यदि पुरुषों की बाईं और स्त्रियों की दाईं आंख फड़के तो यह अशुभ होता है। ऐसा होने पर पुरुषों पर कोई बड़ा संकट आ सकता है, बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं। महिलाओं की बाईं आंख फड़कने पर घर में कलह होती है, परिवार में क्लेश होता है। कोई बुरा समाचार भी मिल सकता है। ऐसा होने पर अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए तथा यदि कोई शुभ कार्य कर रहे हों तो उसे कुछ देर के लिए रोक देना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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