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Shadashtak Yog: द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 20 जून, 2025, को सुबह 5:34 बजे से मंगल और शनि एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति बनाएंगे, ये दोनों ग्रह एक-दूसरे से 150° के कोणीय योग का निर्माण करेंगे। यह कोणीय तब बनता है, जो कोई दो ग्रह कुंडली के छठे और आठवें भाव में होते हैं। वैदिक ज्योतिष में इस संबंध को षडाष्टक योग कहा जाता है, जो दो ग्रहों के बीच मतभेद, संघर्ष और असंतुलन का प्रतीक माना गया है। इस योग के अशुभ प्रभाव काफी दूरगामी और गहरे होते हैं, इसलिए यह योग खतरनाक माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य के अनुसार, मंगल और शनि को वैदिक ज्योतिष में परस्पर शत्रु ग्रह माना गया है। जब ये दोनों ग्रह षडाष्टक योग में आते हैं, तो यह टकराव और तनाव की स्थिति बनती है। दौरान जॅक को क्रोध, दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, कार्य में बाधा और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य के अनुसार, 20 जून से बनने वाले मंगल-शनि के षडाष्टक योग का विशेष प्रभाव 3 राशियों पर पड़ सकता है। ये राशियां हैं: कर्क, तुला और मकर। आइए जानते हैं, इन राशियों के जातकों के ऊपर इस योग का क्या प्रभाव होगा और इससे बचने के लिए कौन से ग्रह-शांति उपाय करने चाहिए?

मंगल और शनि का षडाष्टक योग कर्क राशि वालों के लिए मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है। कार्यस्थल पर वाद-विवाद या किसी वरिष्ठ से अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है, विशेषकर पेट या रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
उपाय: रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। ‘ॐ भौमाय नमः’ और ‘ॐ शनैश्चराय नमः’ मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार करें। मसूर की दाल और तांबा मंगलवार को दान करें, काले तिल और काले कपड़े शनिवार को दान करें।

इस योग का तुला राशि पर प्रभाव आर्थिक हानि, निवेश में नुकसान और संबंधों में तनाव के रूप में दिख सकता है। पार्टनरशिप में काम कर रहे लोगों को विशेष सतर्कता रखनी होगी। कानूनी विवाद या कोर्ट-कचहरी के मामलों से भी बचना चाहिए।
उपाय: मां दुर्गा की उपासना करें और शुक्रवार को दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ‘ॐ अंगारकाय नमः’ और ‘ॐ शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें। काले कुत्ते को रोटी और गुड़ खिलाएं।

मकर राशि के जातकों के लिए यह योग करियर में रुकावट, पदोन्नति में देरी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद का कारण बन सकता है। कार्यभार का अधिक दबाव मानसिक थकान दे सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
उपाय: शनि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शनिवार को लोहे की वस्तु, काला कपड़ा और काले उड़द का दान करें। शाम को सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाएं और 7 परिक्रमा करें। शिवलिंग पर गंगाजल और शहद मिश्रित शीतल जल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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