हिंदी न्यूज़/ज्योतिष/Kaalchakra: 3 मार्च 2026 को लगेगा चंद्र ग्रहण, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 12 राशियों पर कैसा होगा असर?
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Kaalchakra: 3 मार्च 2026 को लगेगा चंद्र ग्रहण, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 12 राशियों पर कैसा होगा असर?
Kaalchakra Today: 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो भारत में दिखाई देगा. ऐसे में इसका सूतक काल मान्य होगा और मानव जीवन पर अच्छा-खासा प्रभाव पड़ेगा. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं चंद्र ग्रह के सही समय, सूतक काल और राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में.
Written By:
Nidhi Jain
Updated: Feb 24, 2026 10:44
Edited By :
Nidhi Jain
Updated: Feb 24, 2026 10:44
Credit- News24 Graphics
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Kaalchakra Today 24 February 2026: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का खास महत्व है, जिसे एक बहुत बड़ी खगोलीय घटना माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जो कि सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. ये ग्रहण 3 मार्च 2026 की दोपहर 3:21 मिनट से लेकर शाम 6:49 मिनट तक रहेगा यानी इसकी अवधि 3 घंटे और 25 मिनट की होगी. हालांकि, भारत में ये चंद्र ग्रहण सिर्फ 20 मिनट और 28 सेकेंड तक ही दिखाई देगा.
आज 24 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको चंद्र ग्रहण के सूतक काल के समय और उससे जुड़े नियमों के बारे में बता रहे हैं. साथ ही आपको राशि अनुसार जीवन पर पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के प्रभाव के बारे में पता चलेगा.
सूतक काल का महत्व और नियम
पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक- 3 मार्च, सुबह 6:21 से शुरू होगा.
सूतक काल का आरंभ और समापन का समय- सुबह 09:39 और शाम 06:46
सूतक लगते ही मंदिरों और धार्मिक स्थलों के कपाट बंद हो जाएंगे.
सूतक काल के दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
इस काल में खाना खाने से बचें.
सूतक लगने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर उनका सेवन करें.
ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें, बल्कि घर में रहकर मानसिक जाप करें.
ग्रहण के दौरान मंत्र या पाठ का मानसिक जाप किया जा सकता है.
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करके चीनी, चावल या सफेद कपड़ों का किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें.
चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि-
वैवाहिक जीवन में अशांति उत्पन्न हो सकती है.
अहंकार के बढ़ने से रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है.
जल्दबाजी में लिए गए फैसलों के कारण पछतावा होगा.
जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं.
संतान की सेहत और पढ़ाई को लेकर चिंता रहेगी.
रिश्ते और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें.
बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें.
ग्रहण के समय मानसिक रूप से हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या 'ऊँ नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें.
ग्रहण के बाद दूध, चावल, दही या सफेद चीजों का दान करें.
अगर आप अन्य 11 राशियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के प्रभाव के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 24 February 2026: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का खास महत्व है, जिसे एक बहुत बड़ी खगोलीय घटना माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जो कि सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. ये ग्रहण 3 मार्च 2026 की दोपहर 3:21 मिनट से लेकर शाम 6:49 मिनट तक रहेगा यानी इसकी अवधि 3 घंटे और 25 मिनट की होगी. हालांकि, भारत में ये चंद्र ग्रहण सिर्फ 20 मिनट और 28 सेकेंड तक ही दिखाई देगा.
आज 24 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको चंद्र ग्रहण के सूतक काल के समय और उससे जुड़े नियमों के बारे में बता रहे हैं. साथ ही आपको राशि अनुसार जीवन पर पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के प्रभाव के बारे में पता चलेगा.
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सूतक काल का महत्व और नियम
पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक- 3 मार्च, सुबह 6:21 से शुरू होगा.
सूतक काल का आरंभ और समापन का समय- सुबह 09:39 और शाम 06:46
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सूतक लगते ही मंदिरों और धार्मिक स्थलों के कपाट बंद हो जाएंगे.
सूतक काल के दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
इस काल में खाना खाने से बचें.
सूतक लगने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर उनका सेवन करें.
ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें, बल्कि घर में रहकर मानसिक जाप करें.
ग्रहण के दौरान मंत्र या पाठ का मानसिक जाप किया जा सकता है.
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करके चीनी, चावल या सफेद कपड़ों का किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें.
चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि-
वैवाहिक जीवन में अशांति उत्पन्न हो सकती है.
अहंकार के बढ़ने से रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है.
जल्दबाजी में लिए गए फैसलों के कारण पछतावा होगा.
जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं.
संतान की सेहत और पढ़ाई को लेकर चिंता रहेगी.
रिश्ते और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें.
बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें.
ग्रहण के समय मानसिक रूप से हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या ‘ऊँ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें.
ग्रहण के बाद दूध, चावल, दही या सफेद चीजों का दान करें.
अगर आप अन्य 11 राशियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के प्रभाव के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.