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Neelam Wearing Guide: नीलम है सबसे सक्रिय रत्न, पहनने से पहले जानें सूटेबल है या नहीं, वरना पड़ सकता है भारी

Neelam Wearing Guide: शनि से जुड़ा नीलम सभी नवरत्नों में सबसे असरदार और तेज प्रभाव वाला रत्न माना गया है. यह कुछ लोगों को ऊंचाई देता है, तो कुछ के लिए परेशानी बन सकता है. ज्योतिष मान्यता है कि यह हर किसी के लिए सूटेबल नहीं होता है, इसलिए इसे पहनने से पहले इसकी सही जांच करनी जरूरी है?

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Neelam Wearing Guide: ज्योतिष और रत्न शास्त्र की दुनिया में नीलम को सबसे असरदार और संवेदनशील रत्न माना गया है. यह शनि से जुड़ा विशेष रत्न है. इसका प्रभाव बहुत तेज और स्पष्ट दिखाई देता है. कई लोगों को यह अचानक उन्नति दिलाता है, तो कुछ के लिए परेशानी भी ला सकता है. यही वजह है कि इसे पहनने से पहले सावधानी और सही जांच बेहद जरूरी मानी जाती है. आइए जानते हैं, नीलम पहनने से पहले कैसे जानें कि यह सूटेबल है या नहीं?

नीलम क्यों माना जाता है खास?

नवरत्नों में नीलम का स्थान अलग है. यह बहुत जल्दी असर दिखाता है. माना जाता है कि इसे पहनने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति को इसके परिणाम महसूस होने लगते हैं. यह जीवन में स्थिरता, धन और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर सकता है.

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हर किसी के लिए नहीं है नीलम

ज्योतिष के अनुसार, यह वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि या लग्न वालों के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है. लेकिन केवल राशि देखकर इसे पहन लेना सही नहीं है. कुंडली का सही विश्लेषण जरूरी होता है.

करें 72 घंटे का ट्रायल!

नीलम पहनने से पहले एक सरल परीक्षण करना चाहिए. इसे नीले कपड़े में बांधकर 72 घंटे तक अपने पास रखें. आप इसे तकिए के नीचे या जेब में रख सकते हैं. इस दौरान अपने अनुभव पर ध्यान दें.

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क्या हैं सूट करने के संकेत?

अगर इन तीन दिनों में आपको अच्छी नींद आए, मन शांत रहे और कोई बुरा सपना न दिखे, तो यह सकारात्मक संकेत है. साथ ही काम में स्पष्टता और हल्का सा आत्मविश्वास बढ़ना भी शुभ माना जाता है.

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ये हैं सूट न करने के संकेत

अगर डरावने सपने आएं, बेचैनी बढ़े या अचानक गुस्सा आने लगे, तो सावधान हो जाएं. स्वास्थ्य बिगड़ना, जैसे बुखार या पेट दर्द भी संकेत हो सकता है. काम में रुकावट या नुकसान दिखे, तो इसे तुरंत दूर कर दें.

असली नीलम कैसे पहचानें?

हमेशा साफ और पारदर्शी नीलम चुनें. इसमें दरार, धुंधलापन या सफेद धब्बे नहीं होने चाहिए. नकली या खराब गुणवत्ता का रत्न नुकसान पहुंचा सकता है.

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पहनने के सही नियम

नीलम को शनिवार के दिन पहनना बेहतर माना जाता है. इसे दाएं हाथ की मध्यमा उंगली में चांदी या पंचधातु की अंगूठी में धारण किया जाता है. पहनने से पहले इसे शुद्ध करना और मंत्र जाप करना भी उपयोगी माना जाता है.

ये भी जानें

नीलम को दूसरे के इस्तेमाल के बाद पहनना सही नहीं माना जाता है. इसे नियमित रूप से साफ रखें. अचानक उतारने और बार-बार बदलने से भी बचना चाहिए. सही सलाह और धैर्य के साथ ही इसका लाभ मिल सकता है.

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यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: कानों के आकार से जुड़ा है भाग्य का कनेक्शन, जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 04, 2026 12:15 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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