Kaalchakra: सितंबर में इन राशियों के बिगड़ेंगे काम, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 12 राशियों से जुड़ी सावधानियां
Kaalchakra Today: सितंबर का महीना ग्रह गोचर से भरा हुआ है। ऐसे में समय-समय पर मानव जीवन में परिवर्तन आना तय है। चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं इस महीने मेष से लेकर मीन राशिवालों को किन-किन मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो वो किसी बड़े संकट में फंस सकते हैं।
Kaalchakra Today 4 August 2025: खगोलीय दृष्टि से देखें तो 2025 का 9वां महीना यानी सितंबर खास है। दरअसल, इस महीने ग्रहों के राजा सूर्य, ग्रहों के राजकुमार बुध, ग्रहों के सेनापति मंगल, धन-सुंदरता के दाता शुक्र और राहु आदि प्रभावशाली ग्रहों की चाल में बदलाव हो रहा है। इसके अलावा मन, माता, मानसिक स्थिति, सुख, विचार और स्वभाव के दाता चंद्र 10 से अधिक बार राशि गोचर करेंगे। इस बीच कई बार नक्षत्र गोचर भी होगा। ऐसे में समय-समय पर मानव जीवन में बदलाव आने की प्रबल संभावना है। जहां कुछ लोगों के जीवन में खुशियां बढ़ेंगी, वहीं कई जातक परेशानियों से घिरे रहेंगे। हालांकि, कुछ उपायों व सावधानियों को अपनाकर संकट से बचा जा सकता है।
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय बताने जा रहे हैं कि सितंबर महीने में मेष से लेकर मीन राशिवालों को किन-किन मामलों में विशेष सावधान रहना होगा। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को इस माह के अपने शुभ उपायों के बारे में जानने को मिलेगा।
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मेष राशि
खर्चों पर नियंत्रण रखें और इमरजेंसी के लिए फंड तैयार रखें।
निवेश में समझादी दिखाएं।
पैतृक संपत्ति के मामले में सतर्क रहें।
विरोधियों से संभलकर रहें।
आसल और जल्दबाजी में कार्य करने से बचें।
रिश्तों में दूरियां आने की संभावना है। इसलिए बातचीत करना न छोड़ें।
ससुराल पक्ष से विवाद न हो, इसका ध्यान रखें।
परिवार के सदस्यों की सेहत का ध्यान रखें।
मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें।
किसी बड़े बदलाव या परेशानी के लिए खुद को तैयार रखें।
गाड़ी सावधानी से चलाएं क्योंकि चोट लगने के योग हैं।
आंखों में तकलीफ रहेगी।
नींद आने में दिक्कत होगी।
पेट और जोड़ों से संबंधित दिक्कत हो सकती है।
उपाय-
पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
काले तिल, मसूर की दाल, गेहूं, गुड़ या लोहे का दान करें।
हनुमान चालीसा पढ़ें।
गणेश अष्टोत्तर का पाठ करें।
शिव-पार्वती, मां सरस्वती या मां दुर्गा की पूजा करें।
कुत्ते को रोटी खिलाएं।
रविवार को घर में लोबान जलाएं।
नियमित रूप से केसर या हल्दी का तिलक अपने माथे पर लगाएं।