---विज्ञापन---

केवल नजरबट्टू या फैशन नहीं है कलाई पर बंधा काला धागा, जानिए ज्योतिषीय-आध्यात्मिक महत्व

Kala Dhaga ke Fayde: कलाई पर काला धागा बांधने का सदियों पहले का रिवाज आज के मॉडर्न जमाने में एक फैशन बन चुका है। कलाई और पांव में काला बांधना अन्धविश्वास नहीं है और न ही केवल नजरबट्टू या स्टाइल स्टेटमेंट। आइए जानते हैं, काला धागा बांधने के आध्यात्मिक और ज्योतिषीय लाभ, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं।

Kala Dhaga ke Fayde: बुरी नजर से बचाने और बला टालने के लिए कलाई और पांव में काला बांधने की परंपरा कब से यह कह पाना कठिन है। प्राचीन काल की यह परंपरा बदलते समय के साथ एक स्टाइल स्टेटमेंट भी बन चुका है। लेकिन यह केवल नजरबट्टू या स्टाइल स्टेटमेंट भर नहीं है, बल्कि काला धागा कई आध्यात्मिक और ज्योतिषीय लाभ भी पहुंचाता है। आइए जानते हैं, काला धागा बांधने के फायदे।

काला धागा पहनने के फायदे

सौभाग्य और समृद्धि

भारत में सदियों से काले धागे को नकारात्मक ऊर्जा हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने वाला माना गया है। लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि इसे भाग्य और धन से भी जुड़ा माना जाता है। जो लोग बेहतर संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं, लेकिन चाहत पूरी नहीं हो रही है, वे लोग इसे अपनी कलाई पर पहनकर समृद्धि का द्वार खोल सकते हैं।

---विज्ञापन---

‘सेफ्टी शील्ड’ है काला धागा

ऐसे समाज में जहां तनाव और नकारात्मकता प्रचुर मात्रा में है, अपनी सेफ्टी के लिए उपाय ढूंढना जरूरी है। मान्यता है कि काला धागा एक ‘सेफ्टी शील्ड’ के रूप में काम करता है और बुरी शक्तियों और नेगेटिव ऊर्जाओं को दूर रखता है। इसे अपनी कलाई पर पहनने के बाद आंतरिक शुभता भी बढ़ती है।

आध्यात्मिक रुझान में बढ़ोतरी

अनेक आध्यात्मिक गुरु और साधू अपनी हाथों में काला धागा बांधते हैं। वे मानते हैं कि काला धागा पहनने से व्यक्ति के आध्यात्मिक संबंध में सुधार होता है। इससे अंतर्ज्ञान और जागरूकता बढ़ती है और चेतना की उच्च अवस्था तक पहुंचने में मदद मिलती है।

---विज्ञापन---

फोकस और मानसिक स्पष्टता

आज की तेज रफ्तार और भागम-भाग जिंदगी में फोकस बनाए रखना बहुत कठिन है। माना जाता है कि काले धागे में ऐसे गुण होते हैं जो ध्यान केंद्रित करने और सोच में स्पष्टता को बढ़ावा देते हैं। इसे अपनी कलाई पर पहनने से ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है।

ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हम ब्रह्मांड का एक हिस्सा हैं और ब्रह्मांडीय ऊर्जा और ग्रहों की चाल हमें प्रभावित करती है। इस शास्त्र के मुताबिक, कलाई के चारों ओर काला धागा पहनने से ब्रह्मांड के अंतर्निहित चक्रों के साथ सामंजस्य बनाने और इन ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के साथ खुद जोड़ने में मदद मिल सकती है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: विवाह में देरी के लिए जिम्मेदार हैं ये ग्रह, कुंडली के 2 भाव दोष से पड़ता है खास असर

ये भी पढ़ें: कन्या राशि के लिए 5 बेस्ट करियर ऑप्शन, जिसमें दे सकते हैं सर्वश्रेष्ठ योगदान

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: May 29, 2024 09:57 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola