Russia Ukraine War Update: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप की शांति योजना को मानने से इंकार कर दिया है. जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर और दूसरे यूरोपीय नेताओं से बातचीत में NATO सदस्यता की मांग छोड़ दी.
लेकिन जेलेंस्की ने रूसी कब्जे वाली डोनबास या क्रिमिया पर दावा छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है. रूस और अमेरिका चाहते हैं कि शांति समझौते की शर्त मानते हुए यूक्रेन डोनबास से खुद पीछे हट जाए, लेकिन यूक्रेन चाहता है कि कोई भी सीजफायर मौजूदा फ्रंट लाइन पर हो और बदले में यूक्रेन को अमेरिका-यूरोप से सुरक्षा की गारंटी मिले.
#Zelensky is not a saint; he has his faults, and he will be criticized for them. But this man has balls. Video from Kupiansk. #Putin said that Ukrainian soldiers were surrounded in Kupiansk and that anyone who wanted to could come and see for themselves. So Zelensky went there. pic.twitter.com/mO6hwsWvAQ
— Kostiantyn Korobov (@Korobov_K) December 12, 2025
तत्काल प्रभाव से छोड़ी NATO की मांग
बता दें कि रूस और यूक्रेन में सीजफायर के लिए बातचीत की मेजबानी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज कर रहे हैं. शांति वार्ता में अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर हैं. यूरोपीय नेता भी शांति वार्ता का हिस्सा बन सकते हैं. वहीं बैठक में जेलेंस्की ने कहा कि रूस को नाटो की सदस्यता से प्रॉब्लम है. यूक्रेन उनकी इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन करता है.
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन नाटो की सदस्यता की मांग को तत्काल प्रभाव से छोड़ता है, लेकिन यूक्रेन अपना कोई शहर रूस को नहीं देगा. रूस को यूक्रेन की नाटो मेंबरशिप से प्रॉब्लम है तो यूक्रेन अब इसकी डिमांड नहीं करेगा. इसक मतलब यह नहीं कि रूस फायदा उठाए. रूस को जो खटक रहा है, उस बाधा को हटा रहे हैं तो रूस अब यूक्रेन को सहयोग करे.
BREAKING 🅱️: President Trump drops the hammer on Zelensky!!
— Right Scope 🇺🇸 (@RightScopee) December 14, 2025
“IT’S TIME, he needs to hold a free election immediately and stop clinging to power without a vote. The war is the excuse, but the Ukrainian people deserve their voice NOW.”
On a scale of 1-10 how much do you support… pic.twitter.com/nfGhRuKNUq
कानूनी तरीके से मांगी सुरक्षा की गारंटी
जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा की गारंटी कानूनी रूप से मिलनी चाहिए. यूक्रेन किसी भी शहर को सौंपने की मांग को अस्वीकार करता है और इस बात की पुख्ता गारंटी चाहता है कि रूस दोबारा हमला नहीं करेगा. क्योंकि रूस जानबूझकर यूक्रेन के बिजली ग्रिडों को निशाना बना रहा है, ताकि सर्दियों के महीनों में नागरिकों को गर्म पानी से वंचित किया जा सके.
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना की एक मांग पूरी करते हैं, बाकी कोई मांग स्वीकार नहीं है. अगर इसके बाद भी रूस हमले करता है तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई करेगा. फरवरी 2022 से जंग चल रही है और सिर्फ यूक्रेन ही नहीं, रूस में भी भारी नुकसान उठाया है. यूक्रेन ने अपनी मंशा बता दी, अब फैसला रूस और पुतिन करें.










