ईरान की 'वार्निंग' के बाद कतर और सऊदी अरब से क्यों हट रहे हैं अमेरिकी सैनिक?

US Iran Tension: ईरान में गहराए संकट के मद्देनजर अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों में तैनात अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है. अमेरिका के इस कदम के पीछे की वजह ईरान की धमकी को बताया जा रहा है. हमला होने की स्थिति में ईरान ने मध्य पूर्व के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी है.

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अमेरिका ने ईरान में हवाई हमला करने की धमकी दी है.

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US Iran Tension: ईरान में गहराए आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों में तैनात अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है. एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी और कहा कि कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर तैनात जवानों को वहां से निकलने का आदेश दे दिया गया है. चर्चा है कि अमेरिका ने अपने सैनिकों को ईरान की धमकी के बाद बुलाया है. ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो ईरान उन देशों पर हमला करेगा, जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं और सैनिक तैनात हैं.

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कतर में है अमेरिका का सबसे बड़ा बेस

बता दें कि ईरान की इस धमकी के बाद ही कतर के अल उदैद सैन्य अड्डे पर तैनात कर्मियों को अपने देश चले जाने का आदेश दिया गया. कतर में मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है. अल उदैद एयर बेस से सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले को अमेरिकी अधिकारियों ने एहतियाती कदम बताया है. हालांकि अभी तक सैनिकों को वापस बुलाने की आधिकारिक वजह का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन मध्य पूर्व के देशों ने अमेरिकी सैनिकों को वापस जाने को कहा दिया है, जिसके बारे में अमेरिका के उच्च सैन्य अधिकारियों और ट्रंप की सरकार को भी पता है.

सऊदी अरब की US एम्बेसी को सलाह

वहीं कतर ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कह कि कतर अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है. अपने लोगों की रक्षा करना कतर की सरकार और सेना की प्राथमिकता है. इसलिए अमेरिकी सैनिकों को वापस भेजा गया है. वहीं सऊदी अरब में भी अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सावधानी बरतने और सैन्य ठिकानों से दूर रहने के लिए कहा है. साथ ही निर्देश दिया है कि अमेरिकी अधिकारी यात्रा पर तभी जाएं, जब बहुत ज्यादा जरूरी हो. मध्य पूर्व के देशों में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को भी सलाह है कि वे ईरान के खतरे के मद्देनजर सतर्क रहें.

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बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के एक वरिष्ठ सलाहकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी है कि कतर में एक अमेरिकी अड्डे पर जून में हमला हुआ था. अमेरिका को उस हमले को जरूर याद रखना चाहिए है. ईरान ने तब भी अमेरिका के हमले का जवाब दिया था और ईरान अब भी अमेरिका के हमले का जवाब देने में सक्षम है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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