ईरान की सड़कों पर बीते कई दिनों से लगातार प्रदर्शनकारियों द्वारा हंगामा जारी है. इस बीच ईरान में अब तक हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 2,500 के पार पहुंच गई है. इसके अलावा अभी भी ईरान के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिडंत की खबरें भी सामने आई हैं.
ताजा अपडेट के अनुसार, ईरान में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो चुकी है. अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह तक मरने वालों की संख्या में इजाफा हो चुका था.
बता दें कि अब तक ईरान में बीते कई दशकों में हुई हिंसा या विरोध प्रदर्शनों में इतने लोगों की मौत नहीं हुई है. ये संख्या अब तक सबसे अधिक है.
ईरान का ट्रंप पर सीधा हमला
हालांकि ईरान का प्रशासन किसी भी कीमत पर ट्रंप के आगे झुकने को तैयार नहीं है. ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी तरह की कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिको को लिखित में जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ‘हम ईराने के लोगों के मुख्य हत्यारों के नाम बताते हैं- 1- ट्रंप, 2- इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू.’
तेहरान में फिर से शुरू हुई फोन लाइन
मिली जानकारी के अनुसार, समाचार एजेंसी एपी ने बताया कि लगभग 5 दिनों के बाद फोन लाइन खुलने के बाद तेहरान के लोग मुल्क से बाहर कॉल कर रहे हैं. ईरान के रहने वाले एक चश्मदीद ने सेंट्रल तेहरान में भारी सुरक्षा, जले हुए सरकारी भवन, टूटे हुए ATM और सड़कों पर लोगों की भी भारी कमी को लेकर जानकारी दी.
प्रदर्शनकारियों ने मांगी खामेनेई के लिए मौत की सजा
ईरान में दिसंबर के आखिर में खराब अर्थव्यवस्था को लेकर युवाओं में गुस्सा था, जिसके बाद ही यहां का शासन उनके निशाने पर आ गया और विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते चले गए. वहीं, राजधानी में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने खामेनेई की मौत की मांग के नारे लगाए और उनकी तस्वीरें बना रहे हैं. ईरान में इस कथित ‘अपराध’ के लिए मौत की सजा दी जाती है.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान में प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया और ट्वीट किया. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘ईरानी देशभक्तों, विरोध करते रहो- अपनी संस्थानों पर कब्जा करो.’
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सभी ईरानी अधिकारियों के साथ तब तक के लिए बातचीत रोक दी है, जब तक इन हत्याओं को रोका नहीं जाता है. उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द मदद मिलने वाली है.










