---विज्ञापन---

ट्रेंडिंग

कहां है डायमंड लैंड? जहां की धरती से निकलते हैं भर-भरकर हीरे, जिसके सामने कोहिनूर भी फीका!

दुनिया में हीरों की बात हो और कोहिनूर का नाम न आए ऐसा मुश्किल है. लेकिन अफ्रीका का एक देश ऐसा भी है, जहां निकलने वाले हीरों के सामने कोहिनूर भी फीका लग सकता है.

Author
Written By: Raja Alam Updated: Jan 11, 2026 22:52

दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जिसे डायमंड लैंड के नाम से जाना जाता है. यहां की धरती से निकलने वाले हीरे के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल, अफ्रीका का बोत्सवाना देश पूरी दुनिया में डायमंड लैंड के नाम से मशहूर है. यहां की धरती के नीचे हीरे भरे पड़े हैं और यही वजह है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश माना जाता है. पश्चिमी देशों के साथ चल रहे तनाव के बीच रूस अब अफ्रीका में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. इसी कड़ी में रूस ने बोत्सवाना के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. बोत्सवाना भी रूस के साथ आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते मजबूत करना चाहता है. इसी के तहत बोत्सवाना मॉस्को में अपना दूतावास खोलने जा रहा है.

रूस को निवेश का न्योता और आर्थिक साझेदारी

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने बताया कि बोत्सवाना के विदेश मंत्री फेन्यो बुटाले ने रूसी निवेशकों को अपने देश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने कहा कि बोत्सवाना राजनीतिक और आर्थिक रूप से स्थिर देश है और निवेश के लिए बेहतरीन जगह है. बोत्सवाना ने रूस को दुर्लभ धातुओं और हीरा उद्योग में निवेश करने का आग्रह किया है. उनका मानना है कि दोनों देशों के सहयोग से हीरा उत्पादन और व्यापार को नई ऊंचाई मिल सकती है. बोत्सवाना की अर्थव्यवस्था में हीरों की बहुत बड़ी भूमिका है और यह देश अपने संसाधनों का जिम्मेदारी से विकास करने पर जोर देता है.

---विज्ञापन---

बोत्सवाना की खदानों से निकले दुनिया के सबसे बड़े हीरे

बोत्सवाना की खदानों से अब तक दुनिया के सबसे बड़े और कीमती हीरे निकले हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में यहां से 2,492 कैरेट का कच्चा हीरा मिला था जो दुनिया का दूसरा सबसे बडा हीरा माना गया. यह हीरा कनाडाई कंपनी लुकारा डायमंड की कारोवे खदान से निकला था. इससे पहले 2019 में इसी खदान से 1,758 कैरेट का हीरा मिला था. इससे भी पहले 2016 में 1,109 कैरेट का हीरा इसी इलाके से निकला था. इन हीरों की कीमत अरबों रुपये आंकी गई थी और कई हीरे मशहूर अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स और शाही खजानों का हिस्सा बने.

हीरों ने बदली बोत्सवाना की किस्मत

बोत्सवाना में पहली बार 1967 में हीरे का विशाल भंडार मिला था. उस समय यह देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता था. लेकिन संस्थापक राष्ट्रपति सर सेरेत्से खामा के नेतृत्व में यहां हीरों से मिली कमाई का सही इस्तेमाल किया गया. सडकों, स्कूलों और बुनियादी ढांचे पर निवेश किया गया. आज बोत्सवाना वैश्विक हीरा उत्पादन का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा देता है. हीरे देश के राजस्व का लगभग एक तिहाई और विदेशी मुद्रा कमाई का बड़ा जरिया हैं. कुछ ही दशकों में बोत्सवाना ने खुद को एक अनजान देश से दुनिया के सबसे खास हीरों का सबसे बड़ा स्रोत बना लिया है.

---विज्ञापन---
First published on: Jan 11, 2026 10:52 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.