Add News 24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

राष्ट्रपति ट्रंप का ये कैसा ‘अमेरिका फर्स्ट’ दांव? 30 देशों से वापस बुलाए अपने 30 भरोसेमंद अमेरिकी राजदूत

राष्ट्रपति ट्रंप राजदूतों में बड़ा फेरबदल किया है। ट्रंप ने दुनियाभर के 30 देशों से अपने राजूदतों को वापस बुलाने का फैसला कर लिया है। ये राजदूत बाइडन के समय तैनात किए गए थे। अब ट्रंप ने इन सभी को वापस बुलाने का फैसला कर लिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author
Edited By : Raghav Tiwari Updated: Dec 23, 2025 12:09

अमेरिकी राष्ट्रपति एक बार फिर चर्चा में हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर में तैनात 30 देशों से अपने राजदूत वापस बुलाने जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह आम राजदूत नहीं हैं। ये सभी राजदूत अमेरिकी प्रशासन के योग्य और अनुभवी राजदूत हैं। अमेरिकी सीनेटर (सांसद) जीन शाहीन ने ट्रंप के इस कदम का विरोध भी किया है। शाहीन ने कहा कि योग्य और अनुभवी राजदूतों को हटाकर राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया में अमेरिका की नेतृत्व क्षमता चीन और रूस को सौंप रहे हैं।

बता दें कि विदेशों से वापस बुलाए जा रहे अधिकांश राजदूत कैरियर फॉरेन सर्विस अधिकारी हैं। इन्हें बाइडन प्रशासन के दौरान विदेशों में नियुक्त किया गया थाय। हालांकि ट्रंप के पहले और दूसरे कार्यकाल में अभी तक ये ट्रांसफर से बच गए थे। पिछले सप्ताह अब व्हाइट हाउस ने उनके देश वापसी के लिए नोटिस जारी कर दिया है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: अमेरिकी बनाएगा दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोतों का बेड़ा, राष्ट्रपति ने लिया नेवी में ‘ट्रंप क्लास’ बनाने का फैसला

फेरबदल का सबसे ज्यादा असर नाइजीरिया, सेनेगल, रवांडा, युगांडा, सोमालिया और मेडागास्कर समेत अफ्रीका के 13 देशों पर पड़ा है। वहीं एशिया में फिजी, लाओस, मार्शल आइलैंड्स, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस और वियतनाम सहित 6 देशों से भी राजदूत वापस अमेरिका वापस बुलाए गए हैं। इसके अलावा आर्मेनिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, मोंटेनेग्रो और स्लोवाकिया यूरोप देशों में भी यह एक्शन हुआ। मीडिल ईस्ट में अल्जीरिया और मिस्र, दक्षिण और मध्य एशिया में नेपाल और श्रीलंका, ग्वाटेमाला और सूरीनाम के राजदूत भी वतन वापसी करेंगे।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: H-1B वीजा रिन्यू कराने अमेरिका से आए थे भारत, यहां महीनों के लिए फंस गए

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन राजदूतों को बर्खास्त नहीं किया जा रहा है। बल्कि उन्हें अमेरिकी विदेश विभाग (स्टेट डिपार्टमेंट) में अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने इंटरव्यू में कहा कि राजदूतों का ट्रांसफर एक सामान्य प्रक्रिया थी।

First published on: Dec 23, 2025 06:45 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.