20 महिलाओं को प्रेग्नेंट करके DNA से सुपर रेस शुरू करना चाहता था जेफरी एपस्टीन', जानें क्या था 'बेबी रैंच' प्लान?

Jeffrey Epstein: जेफरी एपस्टीन ने इंसानियत को शर्मसार करने वाले कांड किए हैं। उसकी फाइलों में अब एक प्रोजेक्ट का खुलासा हुआ है, जिससे उनकी घिनौनी साजिश का पता चला। वह अपने स्पर्म और DNA से ह्यूमन सुपर रेस शुरू करना चाहता था, जिसके लिए वह फर्टिलिटी सेंटर खोलने की तैयारी में था।

Jeffery Epistein

जेफरी एपस्टीन ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली हरकतें की हैं।

Jeffrey Epstein Shocking Project: अमेरिका में यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन की फाइलों से उसकी एक और घिनौनी साजिश का खुलासा हुआ है। उसके एक गंदे प्रोजेक्ट के बारे में पता चला है, जिसके शुरू होने या पूरा होने के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन अगर वह प्रोजेक्ट शुरू करता तो दुनिया में इंसानों की सुपर रेस शुरू हो जाती। वह एक फर्टिलिटी सेंटर बनाना चाहता था, जिसके लिए उसने न्यू मैक्सिको के सांता फे शहर को चुना था ओर ‘बेबी रैंच’ नामक प्लान बनाया था।

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क्या था जेफरी एपस्टीन का बेबी रैंच प्लान?

बता दें कि जेफरी एपस्टीन की योजना न्यू मैक्सिको में अपने फार्म हाउस को फर्टिलिटी सेंटर बनाने की थी। इसमें वह अपने स्पर्म से एक साथ एक समय में 20 महिलाओं को प्रेग्नेंट करता। वह अपने DNA से ह्यूमन सुपर रेस शुरू करना चाहता था। वह चाहता था कि उसके बहुत सारे बच्चे हों, जिनका IQ लेवल उसके जितना ही हाई और उनके जीन पर उसकी तरह बेहतरीन हों। वह पार्टियों में भी दावा करता था कि वह अपने स्पर्म से महिलाओं को प्रेग्नेंट करके बहुत सारे बच्चे पैदा करना चाहता है।

फार्म हाउस को बनाना था फर्टिलिटी सेंटर

एपस्टीन फाइल्स में खुलासा हुआ है कि साल 2000 की शुरुआत में अपने बेबी रैंच प्रोजेक्ट के लिए उसने वैज्ञानिकों से चर्चा भी की थी। उसने कई बिजनेसमैन को अपने प्रोजेक्ट के बारे में भी बताया था कि उसकी रुचि महिलाओं को अपने फार्म हाउस तक लाने, उन्हें वहीं रखने, प्रेग्नेंसी और उसका बच्चा पैदा करने के लिए हायर करने में दिलचस्पी है. एपस्टीन की इस सोच को वैज्ञानिकों ने ट्रांसह्यूमनिज्म से प्रेरित बताया था, जिसमें ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करके इंसानी ताकत बढ़ाई जाती है।

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इंसानी नस्ल को बेहतर बनाना मकसद था

टेक्नोलॉजी, जेनेटिक चेंजेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इंसानों की संख्या बढ़ने से दुनिया में जनसंख्या बढ़ती और धरती पर दबाव बढ़ता. वहीं आलोचकों का कहना है कि एपस्टीन की सोच यूजीनिक्स जैसी थी, जिसमें कुछ हाई प्रोफाइल लोगों के जरिए इंसान की नस्ल को ‘बेहतर’ बनाने का विचार पेश किया गया था. नाजियों ने इसका इस्तेमाल किया था, जिसके चलते ही नाजियों के पास इतनी विशाल और शक्तिशाली सेना थी, जिनकी आगामी पीढ़ियां आज भी देशसेवा कर रही है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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