मसाज के 300 डॉलर, दोस्त को लाने पर डबल… ऐसे लड़कियों को फंसाता था एपस्टीन; कहानी 1000 मासूमों के शोषण की

जेफरी एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली. मैक्सवेल को 2022 में 20 साल की सजा सुनाई गई थी. दोनों ने मिलकर करीब 1000 से ज्यादा मासूम लड़कियों का शोषण किया था.

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जेफरी एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल ने लड़कियों के शोषण का एक ऐसा ‘काला साम्राज्य’ खड़ा किया था, जिसके बारे में जानकर ही रूह कांप जाए. अमेरिका के न्याय विभाग ने खुलासा किया है कि इन्होंने 1000 से ज्यादा मासूम लड़कियों का स्कॉलरशिप और पैसों का लालच देकर शोषण किया.

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कहानी एक मासूम की

‘द टाइम्स’ में ऐसी ही एक लड़की की कहानी प्रकाशित की गई है. मिशिगन के एक समर आर्ट्स कैंप में एक 14 साल की लड़की से घिसलेन मैक्सवेल मिलती है. फिर एंट्री होती है जेफरी एपस्टीन की. उसने उस बच्ची से स्कॉलरशिप और अपने नाम वाले एक कैंप लॉज के बारे में बात की. फिर एपस्टीन जल्द ही फ्लोरिडा के पाम बीच जाता है और वहां उस लड़की की मां से मुलाकात करता है.

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तीन साल तक फंसी रही मासूम

वह लड़की की मां को अपनी बातों में फंसाता और उन्हें अपने आलीशान बंगले पर बुलाता है. इसके बाद उस महिला से उसकी बेटी की तारीफ करता है और कहता है कि वह उसकी मदद करना चाहता है. मदद के चक्कर में महिला एपस्टीन के जाल में फंस जाती है. कुछ ही महीनों में वह लड़की पैसों के लिए एपस्टीन को ‘मसाज’ देने लगी. उसके बाद उसका यौन शोषण शुरू होता है. वह लड़की इनके जाल में करीब तीन साल तक फंसी रही.

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यह कहानी केवल एक लड़की की है. अमेरिकी न्याय विभाग ने 35 लाख पन्नों की फाइल जारी की है. जिसमें 1000 से ज्यादा लड़कियों के शोषण की कहानी दर्ज है. इस फाइल में ईमेल, पुलिस रिपोर्ट, फोटो, वीडियो और सरवाइवर्स आपबीती शामिल है.

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ऐसे देता था लालच

एपस्टीन अलग-अलग तरीकों से लड़कियों को फंसाता था. फ्लोरिडा में गरीब मोहल्लों की लड़कियों को ढूंढ़ता था. फिर उन्हें अपने पाम बीच वाले बंगले पर मसाज के बदले नकद पैसे देता था. उसने न्यूयॉर्क में महत्वाकांक्षी युवा महिलाओं को निशाना बनाया. इन महिलाओं को स्कॉलरशिप, बड़े लोगों से संपर्क और मैनहट्टन टाउनहाउस पार्टियों के न्योते का लालच देता था. वहीं, पूर्वी यूरोप में महिलाओं को फेमस करना का वादा करता था. इसके लिए उसने मॉडलिंग कॉन्टेक्ट का इस्तेमाल किया. फिर महिलाओं को जाल में फंसाने के बाद उन्हें अमेरिका ले जाता था.

ऐसे ढूंढ़ते थे लड़कियां

रिपोर्ट में गवाहों के हवाले से लिखा गया है कि मैक्सवेल लड़कियां ढूंढ़ने स्कूलों में जाती थी. वहां वह लड़कियों की कमजोर और उनके परिवार के बारे में पूछती थी.

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एक मसाज के 300 डॉलर

एपस्टीन एक मसाज के लिए 300 अमेरिकी डॉलर देता था. अगर लड़की अपनी किसी सहेली को साथ लाती थी. तो एक्स्ट्रा 300 डॉलर दिए जाते थे. इस तरह से उसका नेटवर्क बढ़ता गया.

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कहां रखता था

लड़कियों को प्लेन से पाम बीच, न्यूयॉर्क, न्यू मैक्सिको या एपस्टीन के निजी द्वीप पर ले जाया जाता था. कई बार उन्हें लंदन या पेरिस में भी रखा जाता था. एपस्टीन ने पूरा नेटवर्क पैसों का लालच देकर बनाया था. लड़कियों के लिए ऐसा जाल बुना था, जिससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल था.

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बता दें, एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली. मैक्सवेल को 2022 में 20 साल की सजा सुनाई गई थी.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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